???? युवा कवि ओम माली ‘अंगारा’ को मिला ‘कविश्री माखनलाल चतुर्वेदी साहित्य सम्मान 2025’
युवा कवि ओम माली 'अंगारा' को मिला राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी सम्मान

शाहपुरा, पेसवानी| हिंदी साहित्य जगत के लिए गर्व का क्षण! नवोदित और लोकप्रिय युवा कवि ओम माली ‘अंगारा’ को ‘कविश्री माखनलाल चतुर्वेदी साहित्य सम्मान 2025’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें नव उदय साहित्यिक संस्था द्वारा आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया, जो भोपाल के प्रतिष्ठित होटल रीगल ग्राण्ड, अवधपुरी में संपन्न हुआ।
???? सम्मान समारोह में देश-विदेश के 250 से अधिक साहित्यकारों की उपस्थिति
इस साहित्यिक आयोजन में विश्वभर से 250 साहित्यकार, संगीतकार और कलाकारों को उनकी रचनात्मक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन केंद्र सरकार के एमएसएमई विभाग के सहयोग से शिव्या जैन और ऋतु अग्रवाल के संयोजन में किया गया।
ओम माली अंगारा सम्मान 2025 की घोषणा पर समारोह में उपस्थित साहित्यप्रेमियों और गणमान्य अतिथियों ने तालियों की गूंज के साथ उनका अभिनंदन किया।
????️ कवि सम्मेलन में ओम माली ‘अंगारा’ की रचना ने बटोरी खूब तालियाँ
समारोह के दौरान आयोजित कवि सम्मेलन में ओम माली ‘अंगारा’ ने अपनी लोकप्रिय कविता ‘कहो सखी कैसे करूँ शृंगार’ प्रस्तुत की। इस रचना ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया और उन्हें युवा हिंदी कवि के रूप में एक नई पहचान दिलाई।
उनकी कविता में भावनात्मक गहराई, शिल्प सौंदर्य और भारतीय सांस्कृतिक बोध स्पष्ट रूप से झलका, जिसने उन्हें हिंदी साहित्य में उभरता सितारा बना दिया।
???????? प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:
- किशन सूर्यवंशी, अध्यक्ष – नगर निगम
- सूर्यपाल सिंह, लेखक – फ़िल्म ‘The Kerala Story’
- डॉ. शरद तिवारी, डिप्टी डायरेक्टर – एनएचएम
- बसंती आठ्या, जॉइंट डायरेक्टर – वित्त मंत्रालय
इन सभी ने ओम माली अंगारा कवि सम्मेलन में उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
???? राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी सम्मान: साहित्य का गौरव
राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी साहित्य सम्मान का उद्देश्य उन साहित्य साधकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने लेखन और काव्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का प्रचार-प्रसार किया है।
ओम माली ‘अंगारा’ को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलना, युवा पीढ़ी में साहित्य के प्रति बढ़ते रुझान का संकेत है। ओम माली ‘अंगारा’ को प्राप्त यह सम्मान न केवल उनकी साहित्यिक प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को हिंदी साहित्य की ओर प्रेरित करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।
उनकी यह उपलब्धि आने वाले समय में उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक मंचों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।














