बनेड़ा में आवारा पशुओं का आतंक, सांड के हमले में 35 वर्षीय नीरज जैन घायल

परमेश्वर दमामी
हाथ में फ्रैक्चर, प्लास्टर चढ़ा; शहरवासियों ने नगरपालिका से कार्रवाई की मांग की
बनेड़ा। कस्बे में आवारा पशुओं और श्वानों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़कों पर खुलेआम घूम रहे निराश्रित पशु अब आमजन की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं। आए दिन हो रही घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।
कुछ दिन पूर्व कस्बे में 35 वर्षीय नीरज जैन पर एक आवारा सांड ने हमला कर दिया था। अचानक हुए हमले में नीरज जैन गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। वर्तमान में उनका इलाज जारी है और हाथ पर प्लास्टर चढ़ा हुआ है। इस घटना के बाद शहरवासियों में आवारा पशुओं को लेकर रोष व्याप्त है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बनेड़ा कस्बे की सड़कों, बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आवारा सांड घूमते रहते हैं। कई बार ये पशु राहगीरों के पीछे दौड़ पड़ते हैं, जिससे लोग घबराकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं। वहीं आवारा कुत्तों की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। कुत्ते चलती हुई बाइक और अन्य वाहनों के पीछे दौड़ते हैं, जिसके कारण कई वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। इसके अलावा कुत्तों के काटने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।
नागरिकों का कहना है कि आवारा पशुओं के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने नगरपालिका प्रशासन से मांग की है कि अभियान चलाकर आवारा सांडों और श्वानों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए।
नगरपालिका अधिशासी अधिकारी प्रकाश साहू ने बताया कि आवारा पशुओं और श्वानों से संबंधित समस्याओं की जानकारी शहरवासियों से मिली है। आमजन की सुरक्षा को देखते हुए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। आवारा सांडों और कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि शहरवासियों को हो रही परेशानी से राहत मिल सके।
शहरवासियों ने उम्मीद जताई है कि नगरपालिका प्रशासन जल्द कार्रवाई कर इस समस्या का समाधान करेगा, जिससे लोगों को सड़कों पर सुरक्षित आवागमन मिल सके।











