फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से जमीन बेचने का आरोप, विवादित भूमि पर कुआं तोड़ने की शिकायत

रिपोर्टर – डीके कोठार
बाली/पाली। उपखंड बाली के नाना थाना क्षेत्र स्थित कोठार गांव में पुश्तैनी भूमि को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि खसरा नंबर 733/889, 733/1, 733/2 एवं 733/890 से संबंधित भूमि को फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से बेच दिया गया तथा विवादित भूमि पर जेसीबी चलाकर पुश्तैनी कुएं को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, राधा, पोनी और कनिया पुत्री नैनाराम मेघवाल के नाम से कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर वर्ष 2019 से 2026 के बीच अलग-अलग रजिस्ट्रियां कर भूमि का विक्रय किया गया। मामले को लेकर नाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार्य को रुकवाया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि उक्त भूमि को लेकर पूर्व से न्यायालय में विवाद लंबित है। जानकारी के अनुसार, बाली थाना एफआईआर संख्या 0187/2020 के तहत पहले भी मामला दर्ज हो चुका है। इसके अलावा एसडीएम कोर्ट दावा संख्या 2022/438 में भी प्रकरण विचाराधीन रहा है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि 27 दिसंबर 2022 को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया गया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 18 जनवरी 2023 की एफएसएल रिपोर्ट में अंगूठे के निशानों को लेकर अनियमितताएं सामने आई थीं। वर्तमान में मामला जिला न्यायालय पाली में विचाराधीन बताया जा रहा है तथा 12 जून 2026 को स्थगन आदेश जारी होने के बावजूद 19 जून 2026 को विवादित भूमि पर जेसीबी चलाकर तोड़फोड़ किए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना का वीडियो होने का भी दावा किया गया है।
पीड़ित पक्ष ने प्रशासन एवं पुलिस से मांग की है कि कथित फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी, रजिस्ट्रियों और भूमि हस्तांतरण से जुड़े सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को एकत्रित कर धोखाधड़ी एवं दस्तावेजी फर्जीवाड़े की जांच कराई जाए।
नोट: मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के हैं। प्रकरण न्यायालय एवं जांच एजेंसियों के विचाराधीन है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।











