जाति धर्म से हटकर कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए आगे आए मलिक सेवा फाउंडेशन के संस्थापक रालोद छात्र नेता मलिक भैया

देवेन्द्र कुमार
हाथरस। श्रावण मास में भगवान शिव के पावन भक्तों की सेवा को अपना धर्म मानते हुए मालिक सेवा फाउंडेशन के संस्थापक एवं रालोद छात्र नेता इरफान मलिक जी ने एक बार फिर मानवता और समाज सेवा की अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने घोषणा की है कि हाथरस से गुजरने वाले किसी भी कांवड़ यात्री को यदि रुकने, विश्राम करने, भोजन, पानी अथवा किसी अन्य प्रकार की सहायता की आवश्यकता होगी, तो उनके लिए होटल रिवरव्यू एंड रेस्टोरेंट के दरवाजे 24 घंटे खुले रहेंगे। आगे
मलिक भैया ने कहा कि “कांवड़ यात्रियों की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य और भगवान भोलेनाथ की सेवा के समान है। हमारी पूरी टीम हर श्रद्धालु की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहेगी।”

गौरतलब है कि मलिक सेवा फाउंडेशन समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इससे पहले भी संगठन ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान दूर-दराज़ से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क भोजन, चाय, पानी, रहने ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराकर मानवता की मिसाल पेश की थी। संगठन के इन सेवा कार्यों की समाज में व्यापक सराहना हुई है।
अब श्रावण मास में भी फाउंडेशन ने कांवड़ यात्रियों की सेवा का संकल्प लेकर यह संदेश दिया है कि सच्ची सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। संस्था का उद्देश्य हर जरूरतमंद तक सहायता पहुँचाना और समाज में सेवा, सहयोग एवं मानवता की भावना को मजबूत करना है।
मलिक सेवा फाउंडेशन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि किसी कांवड़ यात्री को हाथरस में किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो, तो निःसंकोच फाउंडेशन से संपर्क करें । संस्था हर संभव सहयोग के लिए सदैव तैयार रहेगी।
“सेवा हमारा धर्म – न्याय हमारा संकल्प – मानवता हमारी पहचान”
– मालिक सेवा फाउंडेशन











