
नोहर। जोगियासन स्थित सिद्ध बाबा अमरनाथ जी महाराज के प्राचीन समाधि मंदिर में पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धा एवं भक्ति का विशेष आयोजन हुआ। क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता के सहयोग से आयोजित भंडारे में राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं साधु-संत शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल मंगला आरती से हुई। इसके बाद बाबा अमरनाथ डेरे के महंत रविनाथ ने मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ समाधि पूजन संपन्न कराया। समाधियों पर भोग-प्रसाद, वस्त्र एवं शॉल अर्पित किए गए। इस दौरान भारतमाता आश्रम के महंत रामनाथ अवधूत, पुजारी शंकरनाथ सहित बड़ी संख्या में साधु-संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
नाथ संप्रदाय की प्राचीन गद्दी से जुड़ा है स्थान
महंत रामनाथ अवधूत ने बताया कि जोगियासन स्थित यह प्राचीन स्थल नाथ संप्रदाय के राम पंथ की प्रमुख गद्दी मानी जाती है। उनके अनुसार, 10वीं शताब्दी में योगी बालनाथ जी महाराज ने यहां जाल वृक्ष के नीचे धूना स्थापित किया था, जो आज भी अखंड रूप से प्रज्ज्वलित बताया जाता है।

महंत रामनाथ अवधूत के अनुसार, इसी परंपरा की चौथी पीढ़ी में बाबा अमरनाथ जी महाराज हुए, जिन्हें सिद्ध नाथ संत के रूप में श्रद्धा से स्मरण किया जाता है। उन्होंने नोहर के साथ हनुमानगढ़ क्षेत्र में भी कई वर्षों तक तपस्या की थी।
आज भी श्रद्धा से याद किए जाते हैं बाबा अमरनाथ
बताया गया कि बाबा अमरनाथ जी महाराज ने भटनेर दुर्ग के निर्माण में भी कई बार आर्थिक सहयोग किया था। नोहर स्थित इसी स्थान पर उन्होंने जीवित समाधि ली थी। आज भी क्षेत्र में धार्मिक जागरण, सत्संग और रातीजोगा सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों में बाबा अमरनाथ जी महाराज को भजनों के माध्यम से श्रद्धापूर्वक याद किया जाता है।
आश्रम परिसर में नाथ संप्रदाय के अनेक सिद्ध संतों की समाधियां भी विद्यमान हैं, जो इस प्राचीन धार्मिक स्थल की परंपरा और आस्था से जुड़ी हुई हैं। पुण्यतिथि कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने समाधियों पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।










