???? डीएनटी समाज का महा-बहिष्कार आंदोलन: भीलवाड़ा से सरकार को अंतिम अल्टीमेटम

भीलवाड़ा | संवाददाता मूलचन्द पेसवानी
राज्य सरकार की उपेक्षा और वर्षों से चली आ रही सामाजिक, शैक्षणिक व राजनीतिक हकमारी के खिलाफ गुरुवार को भीलवाड़ा में डीएनटी समाज, राष्ट्रीय पशुपालक संघ और विमुक्त-घुमंतू अर्ध-घुमंतू जाति परिषद के संयुक्त आह्वान पर महा-बहिष्कार रैली निकाली गई।
???? आजाद चैक से कलेक्ट्रेट तक निकली रैली में समाज के हजारों लोग काले झंडे और गगनभेदी नारों के साथ शामिल हुए।
???? रैली का समापन कलेक्टर ऑफिस के बाहर पुतला दहन के साथ हुआ, जहां सरकार के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।
???? सरकार को दिया गया अंतिम ज्ञापन
राष्ट्रीय पशुपालक संघ के अध्यक्ष लालजी राईका ने कहा,
“सरकार बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद हमारी मांगों पर न वार्ता करती है, न समाधान। यह हमारा अंतिम ज्ञापन है। अब केवल आंदोलन ही होगा।”
महत्वपूर्ण तथ्य:
- सरकारी सूची में केवल 32 समुदाय, जबकि वास्तविक संख्या 50+
- जनसंख्या 1.23 करोड़ (राज्य की 15%), लेकिन शिक्षा-रोजगार में भागीदारी शून्य
- हजारों समाजजनों के पास आवास, प्रमाणपत्र तक नहीं
⚠ रतननाथ कालबेलिया की चेतावनी
विमुक्त जाति परिषद के प्रदेशाध्यक्ष रतननाथ कालबेलिया ने दो टूक कहा,
“यदि सरकार ने 1 नवंबर 2025 तक वार्ता नहीं की, तो राज्यभर में हाईवे आंदोलन होगा और पंचायत-निकाय चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा।”
???? समाज की 5 प्रमुख मांगें:
- डीएनटी समाज को 10% आरक्षण
- पंचायतीराज संस्थाओं में 10% प्रतिनिधित्व
- बस्तियों की जमीन पर मालिकाना पट्टा
- मॉडल स्कूलों की स्थापना
- 1000 छात्रों को विदेश शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति
???? बड़ी चेतावनी: राजस्थान में फैलेगा आंदोलन
सभा में शामिल हजारों लोगों ने नारा दिया –
“अब नहीं सहेंगे उपेक्षा, हक लेकर रहेंगे!”
यदि सरकार ने समाधान नहीं किया, तो आने वाले 3 महीनों में आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेगा।














