मानव सेवा सोशल ग्रुप द्वारा 200 विद्यार्थियों को स्कूल स्टेशनरी किट वितरित

Vikram B Rathod
भायंदर। दादर स्थित कोटारी हॉल, शांतिनाथ जैन मंदिर (कबूतर खाना) में मानव सेवा सोशल ग्रुप द्वारा साधर्मिक परिवारों के 200 विद्यार्थियों को स्कूल स्टेशनरी किट का वितरण हर्षोल्लास के साथ किया गया। यह आयोजन समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में लाभार्थी परिवारों के आर्थिक सहयोग से विद्यार्थियों को संपूर्ण शिक्षण सामग्री, स्टेशनरी, स्कूल बैग, टिफिन बॉक्स, छतरी एवं पानी की बोतल सहित आवश्यक वस्तुओं का किट प्रदान किया गया। उपस्थित अतिथियों एवं समाज के गणमान्य नागरिकों ने इस सेवा कार्य की सराहना की।
इस अवसर पर मोहनलालजी भंडारी (सीए), चंद्राजी भंडारी, जितेंद्रजी भंडारी (सीए), हितेंद्रजी भंडारी (सीए), मातोश्री भागवतीबाई कांतिलालजी राठौड़, रमणलालजी, दालमचंदजी, कांतिलालजी, नरेशजी गोहिल, सुरेशजी सुराणा, संतोषजी जगावत, संपतजी धनरेशा, रमेश धनरेशा, महेशजी शोभावत, फूटरमलजी, परेशजी साकरिया, विक्रम सुराणा, विक्रम राठौड़, कुशल धोका, महेंद्रभाई धोका, नितिन राणावत, दिलखुश परमार, प्रीत राठौड़, दिलीप राठौड़, जेटमल राठौड़, किरणजी रांका सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी के लिए अल्पाहार की भी व्यवस्था की गई।
मानव सेवा सोशल ग्रुप के प्रेरणास्रोत एवं समाजसेवी दिलीपकुमार कांतिलाल राठौड़ (बाली) द्वारा पिछले चार वर्षों से जरूरतमंद विद्यार्थियों को नि:शुल्क स्कूल किट वितरित की जा रही है। इस वर्ष चौथे वर्ष का यह सेवा प्रकल्प 14 जून 2026 को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

दिलीप राठौड़ द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, जीवदया एवं मानव सेवा के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। कैंसर पीड़ितों एवं अस्पतालों में बाहर से आने वाले मरीजों के परिजनों की सहायता, भूखों को भोजन उपलब्ध कराना, गर्मी में छाछ, पानी एवं शरबत वितरण, वर्षा ऋतु में छतरियों का वितरण, सर्दी में कंबल एवं गर्म वस्त्र वितरण तथा पशु-पक्षियों के लिए परिंडे उपलब्ध कराना उनके प्रमुख सेवा कार्यों में शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त जरूरतमंद बच्चों की स्कूल फीस का भार उठाने का संकल्प भी उन्होंने एवं सहयोगी लाभार्थी परिवारों ने लिया है, ताकि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। “बच्चे पढ़ेंगे तो आगे बढ़ेंगे” के संदेश के साथ यह अभियान समाज में शिक्षा एवं सेवा की प्रेरणा प्रदान कर रहा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी सहयोगी परिवारों, दानदाताओं एवं सेवाभावियों का आभार व्यक्त करते हुए उनकी भूरि-भूरि अनुमोदना की गई।











