सोमवती अमावस्या पर प्राचीन विश्वकर्मा मंदिर और दुर्गादास नगर मंदिर में गुंजे जयकारे

Ghevarchand Arya
पाली सोमवती अमावस्या के अवसर पर पाली के प्राचीन विश्वकर्मा मंदिर और दुर्गादास नगर मंदिर में समाज बंधुओं द्वारा आराध्य देव विश्वकर्मा जी की महाआरती करके समाज के खुशहाली की मंगलकामना की गई।
प्रचार मंत्री घेवरचन्द आर्य ने बताया कि समाज अध्यक्ष मोहनलाल जांगिड़ के नेतृत्व में हुए पुजन कार्यक्रम से पूर्व देव प्रतिमाओं का आकर्षक श्रृंगार अभिषेक कर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जांगिड़, कोषाध्यक्ष अमरचंद शर्मा पूर्व समाज अध्यक्ष प्रकाशचंद पिडवा एवं चम्पालाल नागल की मोजूदगी में पूजन अर्चन के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।

इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जांगिड़ ने अमावस्या के महत्व के बारे में बताया कि अमावस्या अज्ञान और अंधेरें का प्रतीक है जो हमें संदेश देती है कि विश्वकर्मा जी कि कृपा से हम अज्ञान से ज्ञान की और तथा अंधेरे से प्रकाश की और चलें तभी हमारा और समाज का हित होगा। कोषाध्यक्ष अमरचंद शर्मा ने कहां कि अमावस्या हमें दान पूण्य करने और मिलजुल रहने की सीख देती है। जिससे हम ज्ञान और प्रकाश की और अग्रसर होते यही विश्वकर्मा जी का आदेश और पूजन है।
इस अवसर पर पुनाराम सायल, राजेन्द्र जोपिग, सोहन सायल, गोरधनलाल सायल, अशोक किजा, प्रवीण बेगड़, प्रदीप बेगड़, सुखदेव झालुण्डिया, दीपक झालुण्डिया, कालूराम बरड़वा, जेठाराम, राधाकिशन अटवासिया, सुरेश किंजा, देवाराम जेपालिया, गंगाराम जेपालिया, जगदीश बरड़वा, सहित कार्यकारिणी सदस्य एवम गणमान्य समाज बन्धु मोजूद रहे।
रिपोर्ट घेवरचन्द आर्य पाली











