29 जुलाई को भायंदर में श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया जाएगा श्री विजय शांतीसूरीजी गुरुदेव का गुरुपूर्णिमा महोत्सव

विक्रम बी राठौड़
भायंदर (पश्चिम)। श्री शांती योगी जैन ट्रस्ट के तत्वावधान में विश्ववंदनीय युगप्रधान आचार्य सम्राट श्री श्री 1008 विजय शांतीसूरीजी महाराज साहेब का गुरुपूर्णिमा महा महोत्सव बुधवार, 29 जुलाई को इदरा कॉम्प्लेक्स, 60 फीट रोड, भायंदर (पश्चिम) में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आयोजित किया जाएगा।
ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस महोत्सव के सम्पूर्ण दिवस के लाभार्थी बिनाबेन गौतमचंदजी चोपड़ा, सोनमबेन दिनेशजी चोपड़ा, मास्टर ऋषिव चोपड़ा एवं वंदना चोपड़ा परिवार रहेंगे।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातः 7:00 बजे गुरुदेव का पक्षाल, पूजा, फूल पूजा, धूप पूजा, दीपक पूजा एवं वासक्षेप पूजा लाभार्थी परिवार द्वारा संपन्न कराई जाएगी। इसके पश्चात प्रातः 9:05 बजे आरती एवं मंगल दीपक उतारा जाएगा तथा गुरु प्रसादी (भाता) का वितरण होगा। प्रातः 10:00 बजे अष्टप्रकारी पूजा एवं आरती का आयोजन किया जाएगा।

दोपहर 2:15 बजे शांति महिला मंडल द्वारा सामूहिक सामायिक एवं शांति जाप का आयोजन होगा। वहीं रात्रि 8:00 बजे विराट गुरु भक्ति का आयोजन किया जाएगा। गुरु भक्ति के पश्चात आरती एवं मंगल दीपक उतारा जाएगा।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि श्री शांती गुरुदेव मंदिर के जीर्णोद्धार एवं भव्य मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट निरंतर प्रयासरत है। उन्हें विश्वास है कि गुरुदेव की असीम कृपा एवं चमत्कार से अधिकाधिक श्रद्धालु इस पुण्य कार्य में सहयोग के लिए आगे आएंगे।
श्री शांती योगी जैन ट्रस्ट ने सभी गुरु भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर गुरुपूर्णिमा महोत्सव का लाभ लेने का आग्रह किया है।
श्री विजय शांतीसूरीजी महाराज साहेब का संक्षिप्त जीवन परिचय
आचार्य श्री विजय शांतीसूरीजी महाराज साहेब का जन्म 25 जनवरी 1890 को वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर माणादर (सिरोही) में हुआ। उनके पिता का नाम भीमतोला तथा माता का नाम वसुदेवी था। बचपन का नाम सगतोजी था और वे अहिर समाज से संबंध रखते थे।
उन्होंने 9 फरवरी 1905 को रामसीन (जालोर) में तीर्थविजय महाराज साहेब से दीक्षा ग्रहण की। उनके दादा गुरुदेव धर्मविजय महाराज साहेब थे। उन्हें 20 नवम्बर 1933 को आचार्य पदवी से विभूषित किया गया। 23 सितम्बर 1943 को अचलगढ़ (माउंट आबू) में उनका निर्वाण हुआ तथा 27 सितम्बर 1943 को अग्नि संस्कार सम्पन्न हुआ। उनकी समाधि मंदिर की प्रतिष्ठा माणडोली नगर में वसंत पंचमी के पावन अवसर पर की गई।
ट्रस्ट द्वारा गुरुपूर्णिमा एवं आगामी वसंत पंचमी महोत्सव को भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों की सजावट एवं रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा तथा गुरुदेव की भव्य आंगी सजाई जाएगी। इस अवसर पर सभी लाभार्थी परिवारों का सम्मान भी किया जाएगा।











