सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने संसद में रखी दिव्यांगो की पेंशन वृद्धि की मांग, दिव्यांग सेवा समिति पाली ने जताया आभार

Ghevarchand Arya
पाली बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने दिव्यांग जनों की वर्षों पुरानी पेंशन वृद्धि की मांग नियम 377 के तहत लोकसभा मे रखकर सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि – मैं सरकार का ध्यान दिव्यांगजनों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन व्यवस्था में व्याप्त असमानताओं की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 2.68 करोड़ दिव्यांगजन थे. जबकि वर्तमान में उनकी संख्या इससे कहीं अधिक अनुमानित की जाती है। दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के बावजूद बड़ी संख्या में दिव्यांगजन पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना सीमित लाभार्थियों को ही कवर करती है तथा अधिकांश राज्यों में पेंशन राशि अत्यंत कम है। राज्यों के बीच पात्रता, पेंशन राशि और लाभ वितरण में भी व्यापक असमानता है, जिससे दिव्यांगजनों को समान अधिकार और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। अतः मै सरकार से आग्रह करता हूँ कि दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय न्यूनतम पेंशन 5000 महिक निर्धारित किया जाए, एकीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस एवं पोर्टेबल सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाए तथा राज्यों के बीच व्याप्त असमानताओं को दूर करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएँ, ताकि दिव्यांगजनों की गरिमा, आर्थिक सुरक्षा और समावेशी विकास सुनिश्क्षित किया जा सके।
उम्मेदाराम की इस मांग पर दिव्यांग सेवा समिति पाली उपाध्यक्ष एवं कार्यवाहक अध्यक्ष बुधाराम पन्नूसा मंत्री घेवरचन्द आर्य कोषाध्यक्ष विनोद कुमार जैन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सरकार से मांग करते हुए कहा कि दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 देश के सभी दिव्यागो पर एक समान लागूं होता है। जबकि राज्य सरकारें पेंशन के मामले में भेदभाव करती है। कहीं 3000/- दे रही है तो कहीं 2500/- और कहीं पर 1300/- से मात्र 1000/- तक ही दी जा रही है। जो भेदभाव पूर्ण है हमारी मांग है कि दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के तहत युनिक डिसेबल कार्ड धारक सभी दिव्यांग जनों को 5000/- मासिक पेंशन दी जानी चाहिए।
रिपोर्ट – घेवरचन्द आर्य











