ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पर रायपुर में निकला भव्य जुलूस, अमन-चैन और भाईचारे का दिया संदेश

प्रवीण सेन।
पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस की याद में मनाए जाने वाले ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर गुरुवार को रायपुर कस्बे में मुस्लिम समाज की ओर से भव्य जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। हाथों में धार्मिक झंडे लिए लोग उत्साह और उमंग के साथ जुलूस में आगे बढ़े। पूरे कस्बे में धार्मिक उत्साह के साथ आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और एकता का माहौल नजर आया। जुलूस में डा. भीमराव अम्बेडकर युवा संगठन रायपुर एवं दलित घुमंतू अधिकार मंच राजस्थान के पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।
संगठन के अध्यक्ष ज्ञानचंद खटीक, दलित घुमंतू अधिकार मंच राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष पूनम नाथ सपेरा, राजू भील कोशिथल, मुकेश बलाई, रोशन बैरवा, विनोल कुमार हरिजन, लाडूनाथ कालबेलिया, अनाड़ नाथ कालबेलिया, रामदेव सपेरा एवं नारायण रेगर बोराणा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने जुलूस में शामिल होकर मुस्लिम समाज को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की मुबारकबाद दी। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि धार्मिक पर्व समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने का अवसर भी हैं। सभी समुदायों को एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों का सम्मान करते हुए सामाजिक एकता और सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

इस अवसर पर दरगाह अंजुमन कमेटी रायपुर के सदर वसीम अकरम पठान, पूर्व सदर हारून मोहम्मद छीपा, पूर्व सदर जमील खां पठान, बाबू भाई मंसुरी, चांद खां पठान, इरफान मंसुरी एवं इमरान पठान (बबलू) सहित समाज के अन्य प्रमुख लोगों की दस्तारबंदी की गई। माला पहनाकर एवं केले वितरित कर उनका सम्मान किया गया तथा ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की मुबारकबाद दी गई। ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज के लोगों ने पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद किया। उनके संदेशों में इंसाफ, दया, ईमानदारी, जरूरतमंदों की मदद, पड़ोसियों के अधिकार, मानवता और आपसी भाईचारे को विशेष महत्व दिया गया है। आयोजन के दौरान लोगों ने उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए समाज में प्रेम, शांति और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया।
अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ
जुलूस के दौरान लोगों ने देश और प्रदेश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ मांगी। वक्ताओं ने कहा कि समाज में नफरत और भेदभाव की जगह प्रेम, इंसानियत और सद्भाव को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
रायपुर में आयोजित ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सम्मान का संदेश देता नजर आया। जुलूस के दौरान लोगों में उत्साह रहा और एक-दूसरे को मुबारकबाद देने का सिलसिला चलता रहा।











