अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस आज: देवी सिंह देवल ने 102 असाक्षरों को बनाया साक्षर

Devi Singh
उदलियावास। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर नव भारत साक्षरता कार्यक्रम ‘उल्लास’ के तहत उदलियावास ग्राम पंचायत में साक्षरता की अलख जगाने वाले स्वयंसेवी शिक्षक वीटी देवी सिंह देवल की उल्लेखनीय सेवाएं चर्चा में हैं। संविदा पंचायत शिक्षक एवं अल्प मानदेय कर्मचारी के रूप में कार्यरत देवी सिंह देवल ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में ग्राम पंचायत उदलियावास में 102 असाक्षर महिलाओं एवं पुरुषों को साक्षर बनाया है।
कूपडावास निवासी देवी सिंह देवल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय उदलियावास में संविदा पर पंचायत शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। विद्यालय समय के बाद वे नव भारत साक्षरता कार्यक्रम ‘उल्लास’ के अंतर्गत असाक्षर लोगों को बुनियादी शिक्षा देकर साक्षर बनाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्वयंसेवी शिक्षक एवं वीटी मानवेन्द्र सिंह चारण तथा स्वयंसेवी शिक्षक सुधांशु चारण के साथ मिलकर उदलियावास और कूपडावास में साक्षरता अभियान को आगे बढ़ाया है।
ग्राम पंचायत के प्रशासक गोविन्द राम सरगरा ने बताया कि देवी सिंह देवल ने लगन और कठिन परिश्रम के बल पर 102 असाक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाया है। पंचायत समिति सदस्य देवाराम सीरवी ने बताया कि ‘उल्लास’ का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के उन गैर-साक्षर नागरिकों को बुनियादी शिक्षा, साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान उपलब्ध कराना है, जो औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके।

वार्ड पंच सज्जन सिंह चारण ने बताया कि कार्यक्रम के तहत उल्लास पोर्टल और दीक्षा पोर्टल ऐप का उपयोग किया जाता है। शिक्षार्थियों को अक्षर ज्ञान, अंक ज्ञान, गिनती, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, व्यावहारिक जानकारी तथा यातायात नियमों की जानकारी भी दी जाती है।
ग्राम विकास अधिकारी धर्मेंद्र वैष्णव ने बताया कि देवी सिंह देवल को उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य के लिए 8 सितंबर 2023 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री बी.डी. कल्ला एवं प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन द्वारा प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया था।
इसके बाद 8 सितंबर 2024 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में देवी सिंह देवल ने ‘साक्षरता का हेलो राजस्थानी गीत’ प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रस्तुति की सराहना हुई तथा उन्होंने जोधपुर की ओर से एकमात्र स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया। उल्लास मेले में भी उन्हें शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, प्रमुख शासन सचिव कृष्ण कुणाल एवं निदेशक साक्षरता एवं सतत शिक्षा विभाग मेघराज सिंह रतनू द्वारा प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
वहीं 8 सितंबर 2025 को अंबेडकर भवन, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम में भी नव भारत साक्षरता कार्यक्रम ‘उल्लास’ में उत्कृष्ट कार्य के लिए देवी सिंह देवल ने भाग लिया।
साक्षरता के क्षेत्र में लगातार किए जा रहे कार्यों और उपलब्धियों के चलते देवी सिंह देवल को श्रेष्ठ स्वयंसेवी शिक्षक (वीटी) के रूप में जाना जाता है। उनके प्रयासों से उदलियावास और कूपडावास में शिक्षा का उजियारा फैल रहा है।











