ममता विक्रम राठौड़ की 15 उपवास की उग्र तपस्या निर्विघ्न जारी

Vikram B Rathod
भायंदर (मुंबई)। बाली (राजस्थान) निवासी श्रीमती ममता विक्रम राठौड़ की 15 उपवास की कठिन एवं उग्र तपस्या पूज्य गुरुभगवंतों के पावन सानिध्य एवं आशीर्वाद से अत्यंत उल्लासपूर्वक और निर्विघ्न रूप से गतिमान है।
तपस्वी ममता विक्रम राठौड़ को वल्लभ समुदाय के परम पूज्य अनंतचंद्र विजयजी महाराज साहब, पूज्य अरिहंत विजयजी महाराज साहब तथा पूज्य साध्वी श्री सौम्यकला श्रीजी (बरखेड़ा तीर्थोद्धारक—नानकी महाराज), पूज्य कुमुदकला श्रीजी, पूज्य काव्यकला श्रीजी, पूज्य तपोरेखा श्रीजी एवं पूज्य अरिहंत रेखाश्रीजी महाराज साहब आदि ठाणा का असीम आशीर्वाद एवं पावन निश्रा प्राप्त हो रही है।

श्रीमती ममता विक्रम राठौड़ द्वारा पूर्व में भी विभिन्न कठिन तपस्याएँ पूज्य गुरुभगवंतों की पावन निश्रा में पूर्ण की गई हैं। उन्होंने आचार्य श्री ऋषभचंद्रसूरीश्वरजी महाराज साहब एवं पीयूष विजयजी महाराज साहब की निश्रा में एक वर्षीतप, गुरुभगवंत वीतराग वल्लभसूरीश्वरजी की निश्रा में एक वर्षीतप तथा सिद्धितप पूज्य योगतिलकसूरीश्वरजी महाराज साहब की निश्रा में संपन्न किया है।
वर्तमान में वे पूज्य आचार्य भगवंत रत्नसेनसूरीश्वरजी महाराज साहब की पावन निश्रा में 15 उपवास की उग्र तपस्या कर रही हैं, जो अभी तक निर्विघ्न रूप से जारी है।
तपस्वी की इस कठिन साधना से जैन समाज में आध्यात्मिक उत्साह एवं तप-आराधना की प्रेरणा का संचार हो रहा है। समाजजनों ने तपस्वी के प्रति अनुमोदना व्यक्त करते हुए उनकी तपस्या निर्विघ्न रूप से पूर्ण होने की मंगलकामना की।











