श्री वरकाना मित्र मंडल: 50 वर्षों की दोस्ती एवं 25 सालों से सक्रिय मित्र मंडल का 21वां सम्मेलन संपन्न

जेठमल बी. राठौड़ भायंदर
उदयपुर। श्री वरकाना मित्र मंडल का 21वां स्नेह मिलन सम्मेलन इस वर्ष 25 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा के रजत महोत्सव के रूप में 2से 4 अक्टूबर को जयसमंद रिसोर्ट में मनाया गया। साल 2001 में मित्र मंडल की स्थापना और पहला स्नेह मिलन समारोह चेंबूर में मित्र मंडल सदस्य श्री अरविंद पन्नालाल जी राणावत के प्रयासों से आयोजित प्रथम स्नेह मिलन से शुरू हुआ यह सफर आज 51 सदस्यों और उनके परिवारों के आत्मीय एवं मजबूत पारिवारिक जुड़ाव में बदल चुका है। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह केवल मित्रों का संगठन नहीं, बल्कि विश्वास, आत्मीयता और पारिवारिक संस्कारों से जुड़ा एक सशक्त परिवार है। 25 वर्षों की इस यात्रा में आयोजित सभी 21 सम्मेलन अपनी व्यवस्थाओं, सहभागिता और यादगार कार्यक्रमों के लिए विशेष रहे हैं।
सम्मेलन में अब तक आयोजन से जुड़े सभी लाभार्थी परिवारों तथा व्यवस्था में योगदान देने वाले सदस्यों की हृदय से अनुमोदना की गई। विशेष रूप से संस्थापक एवं वर्तमान 21वे सम्मेलन के लाभार्थी श्री देवराज जी पुनमिया और नेमिचंद सा के परिवार की अनुमोदना और आभार -अभिनंदन सहित बहुमान एवं मित्र मंडल की कमेटी में सक्रीय सदस्य देवराज जी पुनमिया (रानी स्टे) भूपेंद्र जी छाजेड़ (डुठारिया), महेंद्र जी कोठारी(बागोल) , रंजीत जी नाहर(नाडोल), मनोहर जी सिसोदिया(झीलवाड़ा), ललित जी धनरेशा (रानी गांव), रमेश जी चौवटिया (रानी गांव )के योगदान को सराहते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। कमेटी सदस्यों की ओर जारी मंच संचालन, समय प्रबंधन,आयोजन स्थलों की व्यवस्था, ट्रस्ट संबंधी जिम्मेदारियों तथा रचनात्मक गतिविधियों में साथियों के समर्पण को सम्मेलन की सफलता का आधार बताया गया।

इस सम्मेलन के दौरान महेंद्र जी मेहता परिवार से जुड़ी ट्रेन छूटने के बावजूद वैकल्पिक ट्रेन से सम्मेलन में पहुंचने की घटना ने मित्र मंडल की आत्मीयता और एक-दूसरे के प्रति जुड़ाव की भावना को विशेष रूप से उजागर किया।
रजत महोत्सव के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि “दोस्ती बनाना आसान है, लेकिन उसे 25 वर्षों तक निभाना बड़ी उपलब्धि है।”श्री वरकाना मित्र मंडल की यह यात्रा केवल वर्षों की गणना नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, सहयोग, परिवारों के जुड़ाव और सुख-दुःख में साथ खड़े रहने की मिसाल है। सम्मेलन में सभी सहयोगी परिवारों और सदस्यों का अभिनंदन करते हुए भविष्य में भी इसी आत्मीयता और भाईचारे को कायम रखने का संकल्प व्यक्त किया गया। उपस्थित सदस्यों ने विश्वास जताया कि श्री वरकाना मित्र मंडल का यह कारवां इसी उत्साह, संस्कार और मित्रता के साथ निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।











