नगर निगम चुनाव में सेन समाज की उपेक्षा पर फूटा आक्रोश, बोले—अब राजनीतिक प्रतिनिधित्व से समझौता नहीं

प्रवीण सेन एवं सत्यनारायण सेन
टिकट वितरण में समाज की अनदेखी से प्रबुद्धजनों में नाराजगी, कम से कम दो टिकट देने की उठी जोरदार मांग l
नगर निगम पार्षद चुनाव में टिकट वितरण को लेकर सेन समाज में नाराजगी के स्वर तेज हो गए हैं। समाज के प्रबुद्धजनों एवं कार्यकर्ताओं ने सेन समाज को अपेक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर खुलकर विरोध दर्ज कराया और पार्टी नेतृत्व से समाज की उपेक्षा तत्काल दूर करने की मांग की।
समाज के प्रबुद्धजन दिनेश सेन बिशनिया ने कहा कि भीलवाड़ा शहर में सेन समाज के 10 हजार से अधिक मतदाता हैं। समाज का बड़ा वर्ग लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर संगठन और पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। इसके बावजूद नगर निगम चुनाव में समाज को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिलना गंभीर चिंता और आक्रोश का विषय है।
समाजजनों ने दो टूक कहा कि सेन समाज अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाला नहीं है। पार्टी नेतृत्व से मांग की गई कि कम से कम दो नगर निगम पार्षद टिकट सेन समाज के योग्य, सक्रिय और जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं को दिए जाएं। समाज की ओर से प्रमुख दावेदारों के रूप में रोहित सेन एवं भगत सेन के नाम सामने रखे गए।
प्रबुद्धजनों ने कहा कि समाज की मांग किसी व्यक्ति विशेष को टिकट दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेन समाज के सम्मान, राजनीतिक भागीदारी और उचित प्रतिनिधित्व की लड़ाई है। पार्टी संगठन जहां उचित समझे, वहां समाज के योग्य और मजबूत कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाए, ताकि समाज को उसकी संख्या और राजनीतिक योगदान के अनुरूप प्रतिनिधित्व मिल सके।
समाजजनों ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि लगातार सेन समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व से दूर रखा गया और समाज की भावनाओं की अनदेखी जारी रही, तो समाज को अपने राजनीतिक भविष्य और आगामी रणनीति पर गंभीरता से पुनर्विचार करना पड़ेगा। समाज किसी पार्टी का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज पार्टी नेतृत्व तक पहुंचा रहा है।
उन्होंने पार्टी नेतृत्व से कहा कि अब समय केवल समाज के वोट मांगने का नहीं, बल्कि समाज को राजनीतिक सम्मान और भागीदारी देने का भी है। सेन समाज की जमीनी ताकत, संख्या और लंबे समय से किए जा रहे संगठनात्मक सहयोग को देखते हुए नेतृत्व को सकारात्मक और सम्मानजनक निर्णय लेना चाहिए।
इस दौरान महेश सांवरिया, विकास सेन, कैलाश सेन बदलियास, अशोक सेन, गोपाल सेन, दिनेश सेन ऊपरेड़ा, मनोहर सेन ऊपरेड़ा, शिवराज, रोहित धारवाल, मनोहर सेन सांगानेर, सागर सेन, हरिशंकर सेन, सोनू सेन, प्रहलाद सेन वेलकम सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध समाजजन एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।











