दिनों में 5 प्रसूताओं की मौत, एमजी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल

प्रभूलाल लोहार
भीलवाड़ा। महात्मा गांधी चिकित्सालय (एमजी हॉस्पिटल) में पिछले छह दिनों के दौरान पांच प्रसूताओं की मौत के मामलों ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आई इन घटनाओं के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और चिकित्सा सेवाओं को लेकर लोगों में आक्रोश है। मामला अब राजनीतिक तूल भी पकड़ चुका है और विपक्ष से लेकर सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधि भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। भाजपा विधायक अशोक कोठारी ने अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और कहा कि प्रसूताओं की लगातार हो रही मौतें बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों, दवाइयों और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री रामलाल जाट ने भी इस मामले को लेकर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में गंभीर खामियां हैं, जिनका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने मृतक प्रसूताओं के परिजनों को न्याय दिलाने, पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। लगातार हुई इन मौतों के बाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी घटना पर दुख जताते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की समीक्षा में जुटा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के कारणों और किसी प्रकार की लापरवाही के संबंध में स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी।











