रणथंभौर नेशनल पार्क में टला बड़ा हादसा, ब्रेक फेल होने से पर्यटकों से भरा कैंटर पेड़ से टकराया
दिल्ली से आए पर्यटक घायल, वन विभाग ने वाहन जब्त कर चालक के खिलाफ की कार्रवाई

- राकेश अग्रवाल, संवाददाता
सवाई माधोपुर। रणथंभौर नेशनल पार्क में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पार्क के जोन संख्या-4 में टाइगर सफारी के दौरान पर्यटकों से भरा एक कैंटर ब्रेक फेल होने के कारण अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। हादसे में कैंटर का आगे का शीशा टूट गया तथा उसमें सवार कुछ पर्यटक घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली से आए पर्यटकों का एक दल सोमवार सुबह रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघों की गतिविधियां देखने के लिए सफारी पर गया था। इसी दौरान जोन-4 में सफारी कर रहा कैंटर अचानक तकनीकी खराबी के कारण अनियंत्रित हो गया और एक पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन का सामने का कांच चकनाचूर हो गया।
हादसे में कैंटर में सवार एक बुजुर्ग पर्यटक गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में चोट लगने के कारण करीब पांच टांके लगाने पड़े। वहीं उनकी पोती और बहू को भी मामूली चोटें आईं। घटना के बाद घायलों को तत्काल एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। सभी पर्यटक रणथंभौर स्थित एक होटल में ठहरे हुए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना उस समय हुई जब कैंटर चढ़ाई वाले मार्ग पर चल रहा था। राहत की बात यह रही कि वाहन की गति अधिक नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। यदि यह दुर्घटना किसी ढलान या अधिक जोखिम वाले क्षेत्र में होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
घटना के बाद पार्क प्रबंधन की व्यवस्थाओं और सफारी में उपयोग किए जा रहे वाहनों की फिटनेस को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि सफारी में संचालित वाहनों की समय-समय पर तकनीकी जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो। अनफिट या तकनीकी रूप से असुरक्षित वाहनों का संचालन भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।
इस मामले में रणथंभौर के उप वन संरक्षक (डीसीएफ) संजीव शर्मा ने बताया कि घटना को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित कैंटर को जब्त कर लिया गया है तथा वाहन चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मामले की जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
वन विभाग द्वारा सोमवार शाम करीब पांच बजे आदेश जारी कर संबंधित कैंटर एवं चालक के विरुद्ध कार्रवाई भी की गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।













