नाकोड़ा दरबार (मण्डल), लालबाग, मुम्बई द्वारा आयोजित ऐतिहासिक श्री पार्श्व भैरव महापूजन सम्पन्न

Vikram B Rathod
नाकोड़ा दरबार संस्था के रजत महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित श्री पार्श्व भैरव महापूजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन संस्था के रजत महोत्सव समारोह की शुभ शुरुआत का अवसर बना।
आराध्य देव श्री नाकोड़ा भैरव देव की दिव्य प्रेरणा एवं कृपा , आशीर्वाद दाता राष्ट्रसंत आचार्य श्री चन्द्रानन सागरसूरीश्वरजी महाराज साहेब, पावन निश्रा गच्छाधिपति आचार्य विजय राजशेखर सूरीश्वरजी महाराज के शिष्य आचार्य विजय राजपरम सूरीश्वरजी महाराज आदि ठाणा की पावन उपस्थिति से आयोजन गौरवान्वित हुआ।
महापूजन के विधिकारक हेमुभाई शाह ने शास्त्रोक्त मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजन सम्पन्न कराया। युवा संगीतकार अभिषेक परमार ने पार्श्व प्रभु एवं भैरुदादा के भक्ति गीतों की ऐसी रमझट प्रस्तुत की कि उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूम उठे।
सम्पूर्ण महापूजन, प्रसादी एवं स्वामीवात्सल्य का लाभ श्री मांगीलालजी बच्छराजजी कटारिया संघवी परिवार, सांचोर (राजस्थान), मुम्बई-वडोदरा द्वारा लिया गया। परिवार के जयंतीजी कटारिया एवं राकेशजी कटारिया ने भावपूर्वक लाभ लेकर भैरुदादा के प्रति अपनी अनन्य श्रद्धा का परिचय दिया।

इस भव्य आयोजन में लगभग 1150 श्रद्धालुओं ने महापूजन एवं प्रसादी का लाभ प्राप्त किया। उपस्थित भक्तों ने लाभार्थी परिवार एवं नाकोड़ा दरबार की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की भूरि-भूरि अनुमोदना की। साथ ही जीवदया कार्यों में भी भक्तों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। साथ में अनेकानेक गणमान्य अतिथि पधारकर जिन शासन की शोभा बढ़ाई थी
पिछले तीन माह से मण्डल के समस्त सदस्यों ने एकजुट होकर अथक परिश्रम किया, जिसके परिणामस्वरूप यह आयोजन ऐतिहासिक सफलता प्राप्त कर सका। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मनोजभाई शोभावत, उपाध्यक्ष भँवर छाजेड़, सचिव नवरत्न धोका, सहसचिव गिरीश शाह, खजांची राजेश जैन, संगठन मंत्री भरत मुठलिया तथा सदस्य मुकेश राणावत, कमलेश जैन, अशोक गांधी, भरत फागनिया, हरीश जैन, नितेश जैन एवं भरत ललवानी सहित समस्त कार्यकर्ताओं के सहयोग से कार्यक्रम को चार चाँद लग गए।
श्री संघ के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं का उत्साह, प्रेम एवं सहयोग आयोजन की सफलता का प्रमुख आधार रहा, जिसके लिए नाकोड़ा दरबार परिवार का सभी ने हृदय से आभार व्यक्त किया।











