365 युवक-युवतियों ने दिया परिचय, सामाजिक एकता और सामूहिक विवाह का लिया संकल्प

प्रवीण सेन।
नारायणी सेना सेन समाज का युवक-युवती परिचय सम्मेलन संपन्न, राजस्थान व मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने लिया भाग
भीलवाड़ा, 18 अगस्त 2026 नारायणी सेना सेन समाज की ओर से आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन में समाज के 365 युवक-युवतियों ने बायोडाटा सहित अपना परिचय दिया। सम्मेलन में भीलवाड़ा जिले के साथ राजस्थान के विभिन्न जिलों तथा मध्यप्रदेश क्षेत्र से भी युवक-युवतियों ने पंजीयन करवाकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन ने समाज में आपसी मेल-जोल, सामाजिक एकता और वैवाहिक संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे श्री 108 जगजीवन पुरी महाराज ने सेन जी महाराज एवं नारायणी माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी सोनू सेन गोरधा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में कैलाश सेन बड़लियास, लालकृष्ण सेन मांडल, प्रहलाद सेन कोटड़ी वरिष्ठ संरक्षक नारायणी सेना, कन्हैयालाल सेन मेंजा, कमलेश सेन बिजौलिया, गणेश मारू बूंदी, ओम सेन टुकरवाड़, राजेश सेन, महेश सेन, गोविंद सेन सहित समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सेन सेवा संस्थान के सुनील सेन, सेन समाज संपत्ति ट्रस्ट के प्रेम सेन सेईवाल सहित समाज के अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे। सम्मेलन का संचालन गोपाल सेन सुरास ने किया।

नारायणी सेना जिला कार्यकारी अध्यक्ष विष्णु सेन ने बताया कि 20 नवंबर, देवउठनी एकादशी के अवसर पर 51 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए नारायणी सेना जिला कार्यकारिणी द्वारा जिले की प्रत्येक तहसील कार्यकारिणी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने समाजबंधुओं से अधिक से अधिक सहयोग एवं सहभागिता का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सोनू सेन ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए सभी को एकजुट होकर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने 51 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति से सहयोग करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि प्रेम सेन साईवाल ने सामूहिक विवाह सम्मेलन के सफल एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर आवश्यक जानकारी साझा की। वहीं राजेंद्र सेन बूंदी ने समाज की एकजुटता, आपसी सहयोग और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में सेन समाजबंधुओं की उपस्थिति रही। युवक-युवती परिचय सम्मेलन को समाज में आपसी परिचय, रिश्तों को जोड़ने और सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय पहल के रूप में देखा गया।











