51 कांवड़ों से हुआ शिवजी का जलाभिषेक, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे पदयात्रा कर सांगवा पहुंचे कांवड़िए

प्रभुलाल लोहार
भीलवाड़ा। मेवाड़ के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल और ‘मेवाड़ का हरिद्वार’ कहे जाने वाले मातृकुंडिया से सांगवा के शिवभक्तों ने 40 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर 51 कांवड़ों में पवित्र जल सांगवा स्थित शिव भंडार पहुंचाया। कांवड़ यात्रा के गांव में प्रवेश करने पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया।
संस्था के कोषाध्यक्ष नानूराम तेली ने बताया कि मंगलवार को सांगवा के ग्रामवासी मातृकुंडिया पहुंचे और वहां से पवित्र जल भरकर कांवड़ यात्रा के रूप में सांगवा के लिए रवाना हुए। गांव पहुंचने के बाद शिवभक्तों ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया तथा गांव एवं क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

जलाभिषेक के बाद रात्रि में भव्य भजन संध्या का आयोजन हुआ। स्थानीय गायकों एवं कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे और पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
धार्मिक आयोजन के दौरान श्री देव गौ सेवा संस्थान सांगवा के सदस्य, ग्राम पंचायत के सरपंच उदय लाल गाडरी, कोषाध्यक्ष नानूराम तेली सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं ग्रामीण मौजूद रहे।











