???????? “शहीद निर्मल महतो की शहादत कभी बेकार नहीं जाएगी” — विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

झारखंड की अस्मिता और संघर्ष के प्रतीक, वीर बलिदानी शहीद निर्मल महतो की 38वीं पुण्यतिथि को गंभीर सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक सह जुझारू विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा:
“शहीद निर्मल महतो की शहादत कभी बेकार नहीं जाएगी। उनके अधूरे सपनों को हम सभी मिलकर पूरा करेंगे और झारखंड को एक सशक्त राज्य की श्रेणी में लाकर रहेंगे — यही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
श्रद्धांजलि कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
- विधायक आवासीय कार्यालय, टुंडी
- शहीद निर्मल महतो अस्पताल, धनबाद
- विभिन्न सार्वजनिक स्थल और प्रतिष्ठान
श्रद्धांजलि अर्पण: समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने शहीद निर्मल महतो के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर, मौन धारण किया और उनकी स्मृतियों को नमन किया।
विधायक मथुरा महतो का ओजस्वी संदेश
विधायक महतो ने अपने उद्बोधन में कहा:
“झारखंड की धरती अनेक बलिदानों की गवाह रही है, लेकिन निर्मल महतो जैसे वीरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर राज्य निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम ‘स्वर्णिम झारखंड’ का निर्माण करें और हर शहीद के सपनों को साकार करें।”
उपस्थित गणमान्य अतिथि
- मथुरा प्रसाद महतो – विधायक, टुंडी
- बसंत महतो – निजी सचिव
- मदन महतो
- सुमित महतो – अध्यक्ष, कतरास नगर
- अब्दुल रशीद अंसारी – झामुमो नेता
- फूलचंद किस्कू
- आनंद महतो
- श्रवण टुडू
- दिनेश महतो – युवा नेता
- मनोज महतो
- तथा बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता, शुभचिंतक एवं आमजन उपस्थित रहे।
झारखंड आंदोलन के अमर योद्धा – शहीद निर्मल महतो
शहीद निर्मल महतो, झारखंड आंदोलन के जननायक, जिन्होंने अलग झारखंड राज्य की स्थापना के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी स्मृति आज भी नवयुवकों को प्रेरणा और संघर्ष की चेतना देती है।
यह कार्यक्रम न केवल एक श्रद्धांजलि समारोह था, बल्कि एक संकल्प सभा भी, जिसमें यह दृढ़ निश्चय लिया गया कि झारखंड के हर वीर शहीद का सपना साकार होगा।
“झारखंड के वीरों का बलिदान, नहीं होगा कभी व्यर्थ,
जब तक जीवित है संघर्ष की लौ, तब तक जीवित हैं निर्मल महतो।”















