अधिक मास नगर परिक्रमा के अन्तिम दिन उमड़ा भक्तों का रेला संतों और केबीनेट मंत्री जोराराम कुमावत की मोजूदगी में हुआ समापन।

रिपोर्ट घेवरचन्द आर्य पाली
पाली। अधिक मास नगर परिक्रमा के अन्तिम दिन आज बुधवार को प्रातः 6.00 बजे पदयात्रा हरी किर्तन करते नाचते हुए रवाना हुई जो हाउसिंग बोर्ड सांईबाबा मंदिर, महादेवजी मंदिर, झूलेलाल मंदिर, मिल चाली तेजाजी मंदिर, ब्रिज के नीचे नीलकण्ठ महादेव मंदिर, श्री श्रीयादे मंदिर, सरदार पटेल नगर टंकी के पास महादेव मंदिर, ईच्छापूर्ती बालाजी मंदिर, शितला माता मंदिर दूध डेयरी स्टेडियम मंगलमूर्ती बालाजी मंदिर, इण्डस्ट्रीयल ऐरिया महेन्दीपुर बालाजी मंदिर, बिजली घर महादेवजी मंदिर, मणी नगर भलेलाव रोड़ आईमाता मंदिर, गोगामणी मंदिर, शिवनंदी गौशाला, महादेव बगेची, राधे कृष्णा मंदिर, आर्शीवाद हनुमानजी मंदिर, महिला पुलिस थाना होते हुए इच्छापूर्ण महादेव वृद्धाआश्रम के पास अंडरविज के सामने महादेवजी मंदिर, पुलिस लाईन चामुण्डा माता मंदिर हिम्मत नगर मोकेश्वर महादेव मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर, नागा बाबा की बगीची- गजानन्दजी मंदिर, पातालेश्वर महादेव मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर श्रीमाली समाज, दादावाड़ी, आदि देव मंदिरों के दर्शन करते हुए 11:00 बजे लाखोटिया महादेव मंदिर पहुंची। यहां प्रसाद लेने के लिए भक्तों और शहर के हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमडी।
कार्यालय सचिव हीरालाल व्यास ने बताया कि लाखोटिया रंगमंच पर महामंडलेश्वर दाती मदन महाराज 72 फूट बालाजी महंत ओमजी महाराज केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत की मोजूदगी में भजन संध्या का आयोजन हुआ। जिसमें भजन गायकों ने भक्तिरस के भजनों से श्रोताओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। कई भजनों पर महिलाओं ने भाव विभोर होकर नृत्य किया। भजन संध्या के दोरान अतिथियों द्वारा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समाज संस्थाओं का माल्यार्पण और साफा पहनाकर सहयोग के लिए सम्मान किया गया। इससे पूर्व समिति पदाधिकारियों द्वारा अतिथियों का बहुमान किया गया।

महामंत्री केलाश टवाणी ने बताया कि बताया कि लाखोटिया से सायं 5.00 बजे पदयात्रा वापस रवाना हुई जो काला-गौरा भैरुनाथजी मंदिर, केशरिया कंवर मंदिर, वीर दादु हनुमानजी मंदिर से जूना मठ चामुण्डा माता मंदिर, चन्दनुपरी माताजी मंदिर, अग्रवाल समाज गोपीनाथ मंदिर, माली समाज चारभुजा मंदिर, ओ ब्राह्मण स्वर्णकार श्री रघुनाथजी मंदिर, मण्डलेश्वर महादेव मंदिर, अवधबिहारी मंदिर, खाकी चौक बालाजी मंदिर, जोगमाया मंदिर, जबरेश्वर महादेव मन्दिर, सैन समाज मंदिर, श्री माहेश्वरी समाज श्री रघुनाथजी मंदिर, पुष्करणा समाज भेमानन्दजी व काबजी की समाधी, बांगड़ सेठ व्यंक्टेश मंदिर, नरसिंग भगवान मन्दिर, काबली की बगीची, अग्रवालों की बगीची, गोर्वधन भगवान मंदिर, महेश वाटिका शिवजी मंदिर, पाली वाले बालाजी से राधाकृष्ण बाग रामदेवजी मंदिर सिंधी कॉलोनी झुलेलाल मंदिर से होते हुए बड़ा गजानन्दजी बादशाह का झण्डा, सर्राफा बाजार, सोमनाथ मंदिर पहुंचकर आरती होने के पश्चात प्रसाद वितरण होकर इस पद यात्रा का समापन हुआ। पदयात्रा का शहरवासियों ने जगह जगह ज्यूस छाछ ठंडा पेय पिलाकर और फल बिस्कुट टाफी आदि वितरण कर मनुहार की गई।
तीन दिवसीय पदयात्रा के सफल संचालन में पं शम्भुलाल शर्मा प्रदीप कच्छवाह कैलाश टवाणी शान्तिलाल मंडोरा हीरालाल व्यास (रिप्लायस कोरियर) जयनारायण अरोड़ा, रामरतन बजाज, जोराराम पटेल (ढीढ़सवाले) सोनारामजी पटेल धनराज कारगवाल, रामगोपाल खेतावत, देवीलाल सांखला, विजयराज सोनी, अम्बालाल सोलंकी, नेमीचन्द देवड़ा राकेश लिम्बा, देवेन्द्र मेवाड़ा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता का सहयोग रहा।













