नगरपालिका बाली की लापरवाही से हादसों का खतरा, वार्ड 14 की खुली नालियां बनीं जानलेवा
जनवरी में बुजुर्ग गिरकर हुए थे घायल, शिकायतों के बावजूद अब तक नहीं हुई कार्रवाई

रिपोर्ट – विक्रम बी राठौड़ मुंबई-बाली
बाली। नगरपालिका बाली की उदासीनता के चलते वार्ड संख्या 14 के रहवासी और राहगीर लगातार खतरे के साये में जी रहे हैं। क्षेत्र की खुली और क्षतिग्रस्त नालियां आए दिन हादसों को न्योता दे रही हैं, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जनवरी 2026 में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया था, जब बोरीवली निवासी अशोक वालचंदजी मेहता का पैर फिसलने से वे नाली में गिर गए थे। मौके पर मौजूद राहगीरों और दुकानदारों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें बाहर निकाला। यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। इस घटना की खबर मीडिया में भी प्रकाशित हुई थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि वार्ड के निवासी किशोर प्रजापति के साथ नगर पालिका अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने जवाब दिया कि नालियों पर लगाने के लिए लोहे की जालियां आ चुकी हैं, लेकिन अभी तक उन्हें लगाया नहीं गया है।
वार्ड संख्या 14 स्थित जुनाड़ाक खाने की गली में नालियों की स्थिति बेहद खराब है। नालियां चौड़ी और खुली होने के कारण राहगीरों के गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। साथ ही नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से उनमें कचरा जमा रहता है। बरसात के दौरान क्षेत्र में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।
चिंता की बात यह है कि इसी क्षेत्र में निमड़ावाली प्राथमिक विद्यालय भी स्थित है, जहां प्रतिदिन छोटे-छोटे विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है।
क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जल्द से जल्द नालियों पर लोहे की जालियां लगाई जाएं तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले ही समस्या का समाधान हो सके।











