13 साल पुराने करोड़पति बालाजी मंदिर को लेकर विवाद, मामला पहुंचा थाने

प्रभुलाल लोहार
भीलवाड़ा। शहर के 100 फीट रोड स्थित शारदा कॉलोनी के मुख्य द्वार के पास बने करोड़पति बालाजी मंदिर को लेकर विवाद गहरा गया है। मंदिर परिसर की तारबंदी हटाए जाने के बाद मामला गांधीनगर थाने तक पहुंच गया है। घटना के बाद क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है।
स्थानीय लोगों के अनुसार करोड़पति बालाजी मंदिर पिछले 13 वर्षों से क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान एवं सामाजिक-धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं।
मंदिर से जुड़े लोगों ने बताया कि 14 फरवरी 2013 को रात्रि 9:15 बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ बालाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित की गई थी। प्रतिमा स्थापना का कार्य प्रभुलाल लोहार उर्फ राकेश पांचाल के सानिध्य में संपन्न हुआ था, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे थे।
श्रद्धालुओं का कहना है कि जिस स्थान पर पिछले 13 वर्षों से निरंतर पूजा-अर्चना हो रही है और जो हजारों लोगों की आस्था का केंद्र बन चुका है, उसे लेकर अचानक विवाद सामने आने से लोगों में चिंता और असंतोष है।

घटना की जानकारी मिलने पर देवराज तेली, मथुरालाल उर्फ राकेश तेली सहित कई श्रद्धालु मौके पर पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि यदि भूमि को लेकर कोई विवाद था तो इतने वर्षों तक वह सामने क्यों नहीं आया।
मामले को लेकर गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। भूमि संबंधी दस्तावेजों तथा दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखने की मांग की है।











