तहसीलदार बनकर बढ़ाया समाज का गौरव, सत्यनारायण पांचाल का साफा पहनाकर भव्य सम्मान

प्रभूलाल लोहार
पांचाल लोहार समाज के लिए गौरव और सम्मान का क्षण उस समय बना, जब केकड़ी तहसील के नवनियुक्त तहसीलदार सत्यनारायण पांचाल (हूरड़ा) का श्री विश्वकर्मा पांचाल महासभा संस्था की पूर्व कार्यकारिणी एवं समाज के वरिष्ठजनों ने आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया। समाज की ओर से उन्हें राजस्थान की आन-बान और शान के प्रतीक साफा पहनाकर, पुष्पमालाओं से अभिनंदन कर तथा मिठाई खिलाकर नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं।
समारोह में उपस्थित समाजजनों ने कहा कि सत्यनारायण पांचाल की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समूचे पांचाल लोहार समाज के लिए गर्व, सम्मान और प्रेरणा का विषय है। वर्षों की मेहनत, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व तक पहुंचाया है। उनकी नियुक्ति से समाज के युवाओं में भी प्रशासनिक सेवाओं में आगे बढ़ने का नया उत्साह पैदा होगा। वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि सत्यनारायण पांचाल अपने निष्पक्ष, पारदर्शी एवं जनहितैषी कार्यों से केकड़ी तहसील में सुशासन की नई मिसाल कायम करेंगे।

उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा प्रशासन को अधिक संवेदनशील बनाने में उनका अनुभव निश्चित रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर श्री विश्वकर्मा पांचाल महासभा संस्था की पूर्व कार्यकारिणी के सदस्यों ने उन्हें उज्ज्वल एवं सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को उनकी उपलब्धि पर गर्व है और भविष्य में भी वे समाज, प्रदेश एवं राष्ट्र का नाम रोशन करते रहेंगे।
सम्मान समारोह में पूर्व अध्यक्ष गोपाल जी पांचाल (पालड़ी), पूर्व उपाध्यक्ष मदनलाल जी पांचाल (पालड़ी), पूर्व कोषाध्यक्ष मदन गोपाल जी पांचाल (आगूचा), पूर्व कोषाध्यक्ष केदारमल जी पांचाल (रामपुरा), पूर्व सचिव शोभाराम जी पांचाल (धामनिया), पूर्व मंत्री भंवरलाल जी पांचाल (सरसड़ी), पूर्व संगठन मंत्री भेरूलाल जी पांचाल (सांगानेरी गेट) सहित लक्ष्मणलाल पांचाल, कन्हैयालाल पांचाल, विष्णु जी पांचाल एवं समाज के अनेक वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में भगवान श्री विश्वकर्मा एवं माँ त्रिपुरा सुंदरी से प्रार्थना की गई कि वे सत्यनारायण पांचाल को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर सफलता प्रदान करें, ताकि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा की भावना के साथ करते हुए समाज, प्रदेश और राष्ट्र का गौरव निरंतर बढ़ाते रहें।











