शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, आदिवासी समाज के उत्थान में योगदान को किया याद

Deepak Kumar Pandey
टुंडी। दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक समिति, जाताखूंटी द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को स्मरण किया।

समिति की संस्थापिका एवं जिला परिषद सदस्या मीना हेंब्रम ने कहा कि शिबू सोरेन ने आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा और उनके सामाजिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि एक समय आदिवासी समाज शोषण और महाजनी प्रथा से प्रभावित था, लेकिन शिबू सोरेन ने इसके विरुद्ध आंदोलन खड़ा कर समाज को जागरूक करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज झारखंड में आदिवासी समाज की भागीदारी और नेतृत्व को उनकी महत्वपूर्ण विरासत के रूप में देखा जाता है।
समिति के सचिव शक्ति हेंब्रम ने कहा कि शिबू सोरेन ने समाज को नशामुक्ति और शिक्षा का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से शिक्षा को अपनाने और समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति शिक्षित होगा और विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर पहुंचेगा, तभी शिबू सोरेन को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के अंत में समिति के सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण किया। श्रद्धांजलि सभा में संस्थापिका मीना हेंब्रम, सचिव शक्ति हेंब्रम, अध्यक्ष फेलेन सोरेन सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।











