भीषण गर्मी में शिक्षकों को गैर-जरूरी भागदौड़ में झोंकना बंद करे शिक्षा विभाग,आपत्तियों के लिए शुरू हो ऑनलाइन व्यवस्था- मीणा

अभी हाल ही में तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी (वरिष्ठ अध्यापक) पदों पर पदोन्नति हेतु जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों द्वारा जारी की जा रही अस्थाई वरिष्ठता सूचियों में व्याप्त विसंगतियों और उनके निस्तारण की जटिल प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों में भारी रोष है। इस संबंध में आज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विजय सोनी, एवं प्रदेश संयोजक सुनीता भाटी ने संयुक्त बयान जारी कर विभाग की इस अव्यवहारिक कार्यप्रणाली पर कड़ा ऐतराज जताया है।
राजस्थान शिक्षक संघ राधाकृष्णन के पाली जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने बताया कि यह एक अव्यवहारिक और दमनकारी है वर्तमान प्रक्रिया है , जिसमें वर्तमान में जारी की जा रही वरिष्ठता सूचियों में शिक्षकों के नाम, क्रम संख्या और शैक्षणिक योग्यता (क्वालिफिकेशन) में बड़े पैमाने पर त्रुटियां और अंतर सामने आ रहे हैं।
नियमानुसार, यदि किसी शिक्षक को इसमें कोई विसंगति नजर आती है, तो उसे अपनी आपत्ति एक निर्धारित प्रपत्र में भरकर, अपने पीईईओ (PEEO)/यूसीईईओ कार्यालय से फॉरवर्ड (अग्रेषित) करवाकर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा करानी पड़ रही है। जबकि वर्तमान में ग्रीष्म अवकाश चल रहा है एवं अनेक शिक्षक साथी जनगणना के राष्ट्रीय कार्य में जुटे हुए हैं
वर्तमान में प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर चल रहा है और ग्रीष्मावकाश के कारण अधिकांश शिक्षक अपने गृह जिलों या मुख्यालयों से बाहर हैं। कई पीईईओ/यूसीईईओ भी अपने मूल स्थानों पर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में विभाग द्वारा आपत्ति दर्ज कराने के लिए मात्र कुछ दिनों का बेहद कम समय दिया जा रहा हैं”
संगठन की मुख्य मांगें और सुझाव:-
शिक्षिका सेना की प्रदेश संयोजिका श्रीमती सुनीता भाटी ने विभाग की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पूरा शिक्षा विभाग ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘शाला दर्पण’ के माध्यम से ऑनलाइन कार्य करने का दम भरता है, तो आपत्तियों के निस्तारण के लिए यह दकियानूसी और कागजी प्रक्रिया क्यों अपनाई जा रही है? संगठन ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से निम्नलिखित मांगें की हैं:
1.सीधे ऑनलाइन आपत्ति पोर्टल:-जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर या शाला दर्पण के माध्यम से सीधे ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज करने की व्यवस्था की जाए।
2.सीबीईओ स्तर पर ईमेल/ऑनलाइन विकल्प:- शिक्षक सीधे अपनी आपत्ति सीबीईओ कार्यालय की आधिकारिक ईमेल या ऑनलाइन लिंक पर भेज सकें, ताकि पीईईओ के पास चक्कर न काटने पड़ें।
3. समय सीमा में हो वृद्धि:- ग्रीष्मावकाश और विपरीत मौसम को देखते हुए आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा बढ़ाई जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने इस अनावश्यक भागदौड़ और मानसिक प्रताड़ना से शिक्षकों को राहत नहीं दी, तो शिक्षक संगठन इसके विरोध में कड़ा रुख अख्तियार करने को मजबूर होगा।













