शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शोधार्थियों को किया संबोधित

मोनू सुरेश छीपा।
महर्षि दयानंद के राष्ट्र चिंतन और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में ‘महर्षि दयानंद सरस्वती का राष्ट्र चिंतन और स्वतंत्रता आंदोलन की वैचारिक पृष्ठभूमि निर्माण में योगदान’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. लालाराम बैरवा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. बैरवा ने महर्षि दयानंद सरस्वती के राष्ट्र चिंतन एवं स्वतंत्रता आंदोलन में उनके वैचारिक योगदान पर अपने विचार रखते हुए विश्वविद्यालय के शोधार्थियों, शिक्षाविदों एवं कार्यक्रम से जुड़े प्रबुद्धजनों को संबोधित किया।
स्वतंत्रता आंदोलन में महर्षि दयानंद का वैचारिक योगदान अतुलनीय: डॉ. बैरवा
विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती केवल सामाजिक और धार्मिक सुधारक ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के प्रमुख राष्ट्र-चिंतकों में से एक थे। उन्होंने स्वदेशी, स्वधर्म और स्वराज जैसे विचारों के माध्यम से भारतीय समाज में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का कार्य किया। उनके विचारों ने आगे चलकर स्वतंत्रता आंदोलन के वैचारिक वातावरण को प्रभावित किया।

उन्होंने शोधार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि महर्षि दयानंद के राष्ट्र प्रथम के विचारों का वर्तमान संदर्भ में अध्ययन एवं शोध किया जाना आवश्यक है। उनके विचारों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास होने चाहिए।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कुलपति प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने की। कार्यक्रम में पूर्व विधायक पुष्कर डॉ. गोपाल बहेती, आचार्य अंकित प्रभाकर तथा महर्षि दयानंद शोध पीठ की निदेशक प्रोफेसर ऋतु माथुर सहित कई प्रबुद्ध विद्वान एवं वक्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षाविदों, शोध विद्यार्थियों एवं प्रबंधन तंत्र के सदस्यों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। संगोष्ठी में महर्षि दयानंद सरस्वती के राष्ट्र चिंतन, सामाजिक सुधार एवं स्वतंत्रता आंदोलन की वैचारिक पृष्ठभूमि में उनके योगदान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
समारोह के अंत में अतिथियों एवं सभी सहभागियों का आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रीय संगोष्ठी वैचारिक रूप से समृद्ध एवं शोधार्थियों के लिए प्रेरणादायी रही।











