सरदारनगर में पर्यावरण महोत्सव आयोजित, युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान

- बनेड़ा
एक वृक्ष सौ पुत्रों के समान फलदायी : महंत बालकदास, 4500 पौधे लगाने का दावा
पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सरदारनगर में पर्यावरण महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, समाजसेवियों, युवाओं, पर्यावरण कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के दौरान पौधारोपण को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान बनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में रामेश्वर धाम महादेव, बूंदी के महंत बालकदास जी महाराज ने वृक्षारोपण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि एक वृक्ष सौ पुत्रों के समान फलदायी होता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के साथ-साथ समूची प्रकृति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। वृक्ष हमें शुद्ध वायु प्रदान करने के साथ पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महंत बालकदास जी ने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि पर्यावरण शुद्ध एवं संतुलित रहेगा तो हमारा शरीर भी स्वस्थ रहेगा। उन्होंने स्थानीय युवाओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी हैं।
प्रकृति में अंधाधुंध हस्तक्षेप से बिगड़ रहा संतुलन
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चित्तौड़गढ़ प्रांत के गौ सेवा संयोजक भंवरलाल भाम्बी ने प्रकृति के लगातार बिगड़ते संतुलन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण से जुड़ी अनेक समस्याओं के पीछे मनुष्य का प्रकृति में अंधाधुंध हस्तक्षेप प्रमुख कारण है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन और पेड़ों की लगातार कटाई से पर्यावरण असंतुलित हो रहा है। ऐसे में अधिक से अधिक वृक्ष लगाना और उनकी सुरक्षा करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर ही भावी पीढ़ी का जीवन सुरक्षित रखा जा सकता है।
भाम्बी ने युवाओं से अपील की कि पौधारोपण को केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बनाएं, बल्कि पौधे को वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएं।
टीम ने अब तक लगाए 4500 पौधे
स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ता छोटू कुमावत , नारायण कुमावत ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए गठित टीम द्वारा लगातार पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। टीम द्वारा अब तक 4500 पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि इस वर्ष भी करीब 1000 पौधे लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा तथा अधिक से अधिक युवाओं एवं ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाएगा।

विशिष्ट अतिथि नरेंद्र सिंह कानावत ने किया 51 हजार रुपये का जनसहयोग
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में लाम्बा भंवर सा नरेंद्र सिंह कानावत उपस्थित हुए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान की सराहना करते हुए 51 हजार रुपये का जनसहयोग प्रदान किया।
नरेंद्र सिंह कानावत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से ऐसे जनहितकारी एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में आगे बढ़कर सहयोग करने का आह्वान किया।
उनके द्वारा किए गए सहयोग के लिए आयोजकों ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य भामाशाहों ने भी पर्यावरण संरक्षण के कार्यों के लिए सहयोग राशि प्रदान की।
संत-महात्माओं की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में दादूद्वारा के महंत रामदास जी, सुखराम दास जी एवं शांतिदास जी सहित अनेक संत-महात्मा मौजूद रहे। संतों ने पर्यावरण संरक्षण को मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया।साथ ही उपस्थित संतों व प्रर्यावरण प्रेमियों ने अवसर पर 21 फलदार व छायादार पौधै लगाये ।
सैकड़ों पर्यावरण प्रेमियों ने लिया भाग
कार्यक्रम में समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमियों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। इस अवसर पर ख्याली लाल कुमावत, गोपाल देतवाल, लादू लाल दमामी, ओमप्रकाश खटोड़, सम्पत माली, शंकर कुमावत, सत्यनारायण तेली, ओमप्रकाश कुमावत, मुकेश कुमावत, परमेश्वर दमामी, आशुतोष जोशी, गजानंद कुमावत, शिवा माली, महेंद्र जाट, दीपक शर्मा, राजू देतवाल, सुरेश कुमावत, दिनेश कुमावत, रामेश्वर बैरवा, उगमी चंद्र कुमावत सहित सैकड़ों की तादाद में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित हुए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों एवं युवाओं ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।
आयोजकों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। सामूहिक प्रयासों, जनसहयोग और युवाओं की भागीदारी से क्षेत्र को हरा-भरा बनाने तथा आने वाली पीढ़ी के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन तरुण सिंह सिसौदिया ने किया वहीं संस्था का वार्षिक प्रतिवेदन धनराज गाडरी ने प्रस्तुत किया।











