भामाशाह के सहयोग से मुरडावा गांव में 7 लाख रुपये का विशाल डोम निर्माण व अन्य संसाधन उपलब्ध करवाए गए

भरत शर्मा।
पाली, 30 जुलाई। पाली प्रवासी वासियों को मातृभूमि से जोड़ने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर डॉ रविन्द्र गोस्वामी की पहल पर प्रारम्भ किए गए ‘‘आओ गांव चलें’’ अभियान को निरंतर जन सहयोग मिल रहा है। अभियान से प्रेरित होकर पाली प्रवासी भामाशाह महेन्द्र भूरट, सुनील नवलखा एवं चन्दू भूरट द्वारा राउमावि मुरडावा में 65 बाई 90 फीट के साइज के विशाल डोम का निर्माण करवाया गया, जिसकी अनुमानित लागत 7 लाख रुपये है। इसी प्रकार रूप दास वैष्णव द्वारा एक कक्षा-कक्ष का निर्माण करवाया गया, जिसकी अनुमानित लागत 5 लाख रुपये है।
महेन्द्र भूरट द्वारा विद्यालय में आईसीटी लैब में 2 एसी एवं वाटर कूलर उपलब्ध करवाए गए, जिसकी अनुमानित लागत 1.50 लाख रुपये है। वहीं श्रवण सिंह सोलंकी, पूर्व सरपंच चण्डावल नगर द्वारा प्याऊ का निर्माण तथा रफीक मोहम्मद द्वारा 1.50 लाख रुपये की लागत से अन्य विकास कार्य करवाए गए। इसके अतिरिक्त समस्त ग्रामवासी मुरडावा भामाशाहों द्वारा 10 इंटरएक्टिव पैनल बोर्ड उपलब्ध करवाए गए, जिनकी अनुमानित लागत 12.50 लाख रुपये है। बगड़ी ब्लॉक के मुरडावा गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में उक्त निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए भामाशाहों द्वारा जिला कलेक्टर पाली से मुलाकात कर सहमति पत्र प्रदान किया गया। जिला प्रशासन द्वारा सभी भामाशाहों का सम्मान करते हुए उनके सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी द्वारा मातृभूमि से जुड़ने के प्रयासों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी एवं अन्य जनोपयोगी कार्यों में सहयोग के लिए प्रवासी पालीवासियों को प्रेरित किया जा रहा है। प्रवासी भामाशाहों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिल रही है। जिला प्रवासी प्रकोष्ठ प्रभारी ने बताया कि प्रवासी पालीवासियों द्वारा सतत संवाद, सहयोग एवं नियमित समन्वय हेतु व्हाट्सऐप नंबर 92510-39118 अथवा ई-मेल dpsdc.warroom.pali@rajasthan.gov.in के जरिए संपर्क किया जा सकता है।











