दुष्कर्म मामले को लेकर प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच और इस्तीफे की मांग

जेठमल राठौड़ भायंदर
मीरा-भायंदर : पेनकरपाड़ा क्षेत्र में सामने आए एक कथित नाबालिग दुष्कर्म एवं लैंगिक शोषण प्रकरण को लेकर स्थानीय नागरिकों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने महिला एवं बाल कल्याण समिति की सभापति अनीता पाटिल के इस्तीफे की मांग की है।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्षों पूर्व एक नाबालिग लड़की के साथ कथित रूप से लैंगिक शोषण किया गया था। उनका दावा है कि मामले में सभापति अनीता पाटिल के दो सगे भाइयों के नाम सामने आए हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार प्रकरण की जानकारी अनीता पाटिल को होने के बावजूद समय पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तथा मामले को दबाने का प्रयास किया गया।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है और नैतिकता के आधार पर सभापति को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

कुछ वक्ताओं ने पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने और समझौते का प्रयास किए जाने के आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महिला एवं बाल कल्याण जैसे संवेदनशील विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले जनप्रतिनिधि से समाज जवाबदेही और संवेदनशीलता की अपेक्षा करता है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच और सत्य सामने आना आवश्यक है।इस दौरान भाजपा के उपमहापौर ध्रुव किशोर पाटिल ने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच पुलिस विभाग के अधिकार क्षेत्र में है और अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट एवं कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।उपमहापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, स्थानीय विधायक तथा पार्टी नेतृत्व निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के पक्ष में हैं और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगी।उधर, स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर जनभावनाएं तेज होती दिखाई दे रही हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों ने भी निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की है।फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी की निगाहें पुलिस जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।











