लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष, लोकतंत्र रक्षा की ऐतिहासिक कथा: भजनलाल शर्मा

घेवरचंद आर्य
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र सैनानियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आपातकाल के समय लोकतंत्र सेनानियों द्वारा तानाशाही के विरुद्ध संघर्ष कर लोकतंत्र की रक्षा करना ऐतिहासिक गाथा है। लोकतंत्र सैनानियों का त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानी अपने अनुभवों से समाज को लोकतांत्रिक मूल्य के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित करें, वे आज जयपुर में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित तिरंगा सम्मान समारोह पर प्रदेश के विशेष निमंत्रित लोकतंत्र सेनानियों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों ने राष्ट्र हित में कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए लोकतंत्र, संविधान, मौलिक अधिकार और अभिव्यक्ति की आजादी (प्रेस) की रक्षा की, उनकी तपस्या और संघर्ष से राष्ट्रवाद की विचारधारा विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को यह सब जानना चाहिए कि आज जो लोकतांत्रिक व्यवस्था मोजूद है उसके पीछे लोकतंत्र सेनानियों का त्याग और संघर्ष है। उन्होंने कहा की जेल यातनाएं सहकर लोकतंत्र सेनानियों ने राष्ट्र निर्माण का जो सपना देखा वह आज प्रधानमंत्री मोदीजी के मार्गदर्शन से पूरा हो रहा है।

इस अवसर पर पाली के लोकतंत्र सेनानी मेघराज बम्ब ने मुख्यमंत्री से मांग कि है की सरकार लोकतंत्र सेनानियों को सरकारी कमेटियों में सदस्य के रूप में नियुक्त करें जिससे लोकतंत्र सैनानियों का उत्साह बढ़ेगा और सरकारी कार्य में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने यह भी मांग की है कि प्रदेश के सभी लोकतंत्र सेनानियों के स्वर्गवास पर उनका राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि क्रिया की जाए। इस अवसर पर जयपुर के विधायक डॉक्टर गोपाल शर्मा, पूर्व सांसद राज्यसभा राजेंद्र गहलोत तथा पाली से पांच लोकतंत्र सेनानीयों सहित राज्य के लोकतंत्र सैनानी मोजूद रहे। अंत में सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने सफल कार्यक्रम के लिए सभी को धन्यवाद दिया।











