आपूर्ति कार्यालय मछलीशहर बना दलालों का अड्डा

विशाल कुमार
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर मछलीशहरके पूर्ति निरीक्षको द्वारा जितने भी कोटेदार हैं, सबसे पचास रुपया प्रति क्विंटल अवैध वसूली की जाती है और ठेकेदार के द्वारा बोरे का वजन कोटेदारों को नहीं दिया जाता, जिसके एवज में पूर्ति निरीक्षको को ₹50000 प्रति ब्लाक लिया जाता है ये सारा खेल पुतिॅ निरीक्षको द्वारा प्राइवेट आदमी द्वारा अदान और प्रदान होता है।
सारे लोगों से पैसा लिया गया है किसी न किसी माध्यम से पैसा लेकर के काम किया जाता है। न देने पर कोटेदारों को धमकी दिया जाता है कि आपकी जांच करूंगी।

कोटा निलंबित कर दूंगी कोई न कोई कारण लगाकर के पूर्ति कार्यालय में बड़े बाबू अभय सिंह के द्वारा। राशन कार्ड के न होने काप्रमाण पत्र बनाने। के नाम पर ₹1000 प्रमाण पत्र के नाम से वसूली की जा रही है। इतना नहीं 4 साल से पूर्ति निरीक्षक मछलीशहर तहसील में लगातार एक ही तहसील में कार्यरत हैं सूत्रों के माने कुछ संगठन के लोग इसकी शिकायत खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री मनोज पांडे को जल्द सौंपेंगे की पूर्ति निरीक्षकों द्वारा भ्रष्टाचार मछलीशहर तहसील में लगातार बढ़ रहा है इसकी जांच कराया जाए











