भगवान पार्श्वनाथ दादा का मोक्ष निर्वाण कल्याणक महोत्सव हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न

Vikram B Rathod
श्री चिंतामणी पार्श्वनाथ जैन मंदीर भायंदर पश्चिम प्रांगण मे संघ के इतिहास मे प्रथम बार मोक्ष निर्वाण कल्याणक महोत्सव निर्वाण मोक्ष लङु महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जैन धर्म में चातुर्मास सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण काल माना जाता है। श्री आल्म वल्लभ समुद्र इन्द्र रत्नाकर के क्रमिक पद्धर परम पूज्य वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य देव श्री धर्मधुरंधर सूरीश्वर जी म. सा. के आज्ञानुवर्ती साध्वी बरखेडा तीर्थ उद्वारिका, महत्तरा शासन दिपिका साध्वी श्री सुमंगला श्रीजी म.सा की शिष्या परम विदुषी साध्वी प्रफुल्लप्रभा श्रीजी म. सा. की शिष्या साध्वी श्री पूर्णकला श्रीजी म. सा. की शिष्या सोम्यकला श्रीजी (नानकी म.सा.)ने भायंदर पश्चिम श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ भगवान का निर्माण मोक्ष लङु महोत्सव हर्षोल्लास के साथ हजारो भक्तो के साथ मनाया गया

लाभार्थी परीवार शुशीलाबाई पारसमलजी सोनीगरा (ङायलाना निवासी ) हाल भायंदर कामठिया निकेतन से नासते गाते नाशीक ढोल की मधुर ध्वनी के साथ श्री चिंतामणी जैन मंदीर के प्रागण मे पार्श्वनाथा भगवान के चरणो मे लङङु अर्पण किया निर्वाण महोत्सव मनाया गया भायंदर का प्रथम जैन मंदिर प्रांगण में चातुर्मास विराजमान साध्वी श्री कुमुदकला श्रीजी,साध्वी काव्यकला श्रीजी है तथा प्रतिदिन प्रवचन, सामायिक स्वाध्याय,प्रतिकमण,धर्म आराधना हो रही है,साथ ही चोहद पूर्व तप तपस्या चल रही है जो 3/8/2026 से आरम्भ हुआ है जिनका पारणा 30/8/2026 को होगा ईस तप मे 1 दिन उपवास 1 दिन बियासणा आता है सभी तपसवीओ की तपस्या निर्विघ्न रूप से चल रही है











