2 महीने तक टलती रही कार्रवाई अब सीडीआर के सहारे शिकंजा भामा खेड़ा टेम्पो चालक मारपीट मामले में गिरफ्तारी पर सबकी नजर

Prabhu Lal Lohar
भीलवाड़ा/बागोर। रेलमगरा क्षेत्र के भामाखेड़ा में टेंपो चालक के साथ कथित मारपीट और पूरे दिन बंधक बनाए जाने के बहुचर्चित मामले में करीब दो महीने बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद लगातार यह आश्वासन दिया जाता रहा कि मेडिकल रिपोर्ट आते ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद गिरफ्तारी नहीं हुई।
अब मामले की जांच कर रहे हेड कांस्टेबल लेहरू लाल ने पत्रकार से फोन पर बातचीत में बताया कि पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मंगवाई है। उनका कहना है कि CDR मिलते ही घटना से जुड़े लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संदिग्ध फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द कार्रवाई की उम्मीद है।

इस बीच, मामले में देरी को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पीड़ित पक्ष सवाल उठा रहा है कि जब मेडिकल रिपोर्ट पहले ही आ चुकी थी तो कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई? वहीं, अब सभी की निगाहें CDR रिपोर्ट और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या दो महीने से लंबित इस मामले में अब आखिरकार गिरफ्तारी होगी, या जांच का सिलसिला अभी और लंबा चलेगा?
(नोट: यह समाचार पुलिस अधिकारी के कथन और संबंधित पक्षों के आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।











