बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान, युवाओं ने सुने जीवन के अनुभव

भरत शर्मा
पाली, 17 जून। मेरा युवा भारत पाली एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह स्थित दिव्यांग सेवा संस्थान पाली में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और युवाओं के मध्य संवाद एवं सेवा भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 5 दिवसीय एक्सपेरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जिला अधिकारी ज्योति प्रकाश अरोड़ा ने युवाओं को सामाजिक उत्तरदायित्व, सरकारी योजनाओं एवं सेवा कार्यों के महत्व से अवगत कराते हुए समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान किया।
दिव्यांग सेवा संस्थान के संस्थापक झालाराम देवासी ने कहा कि बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सेवा ही सच्ची मानवता का परिचायक है। वहीं ‘मेरा युवा भारत’ के जिला युवा अधिकारी ने युवाओं को अपने बड़ों से उनके जीवन के एक्सपीरियंस से सीखने को समझाया और भारत देश में गारट्रिक केयर के उभरते सेक्टर में युवाओ को रुचि लेने को कहा।

लेखाकार भंवर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों के जीवन, उनके अधिकारों, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों तथा सामाजिक परिस्थितियों को निकट से समझने का अवसर मिलेगा, जिससे उनमें सेवा और संवेदनशीलता की भावना का विकास होगा।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने संस्थान में रह रहे बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों के साथ समय बिताया, उनके जीवन के अनुभव सुने तथा आत्मीय संवाद स्थापित किया। इसके पश्चात सभी युवाओं एवं अधिकारियों ने संस्थान के सदस्यों को सम्मानपूर्वक भोजन भी कराया। युवाओं के स्नेह, सम्मान और अपनत्व से बुजुर्गों के चेहरे खिल उठे तथा पूरा वातावरण भावनात्मक और प्रेरणादायक बन गया।
कार्यक्रम में स्वयंसेवक धनराज भाटी, भरत तोषावरा, कुसुम, तरुण कुमावत, अंजलि दवे, हिमांशु, हिमांश आदि युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।











