महासंघ की मांग पर लगी मुहर: खाद्य तेलों के लिए फिर लागू हुए मानक पैक आकार, अनियमित पैक होंगे समाप्त

Lalit Dave
देशभर के उपभोक्ताओं और खाद्य तेल व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों और वसा (फैट्स) की बिक्री के लिए एक बार फिर मानक पैक आकार (स्टैंडर्ड पैक साइज) लागू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के तहत 650 ग्राम, 700 ग्राम, 810 ग्राम, 850 ग्राम और 870 ग्राम जैसे गैर-मानक पैक अगले तीन महीनों में बाजार से पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे।
अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह महासंघ की लंबे समय से चली आ रही मांग की महत्वपूर्ण जीत है। उन्होंने बताया कि अनियमित पैक आकारों को अनुमति दिए जाने के समय से ही महासंघ ने इसका विरोध शुरू कर दिया था और लगातार केंद्र सरकार के अधिकारियों को पत्र लिखकर तथा व्यक्तिगत रूप से मिलकर इस व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की थी।
उपभोक्ता मामलों के विभाग (DoCA) ने कानूनी माप विज्ञान (लीगल मेट्रोलॉजी) ढांचे के अंतर्गत खाद्य तेलों की शुद्ध मात्रा और मानक पैकेजिंग से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में संशोधन करते हुए नई एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत खाद्य तेलों की बिक्री अब निर्धारित मानक पैक आकारों में ही की जाएगी।
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किन खाद्य तेलों पर लागू होंगे नए नियम?
नए नियम पाम तेल, पामोलीन, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, सरसों/रेपसीड तेल, मूंगफली तेल, तिल तेल, राइस ब्रान तेल, कपास बीज तेल, कॉर्न ऑयल तथा इनके मिश्रणों पर लागू होंगे।
स्वीकृत मानक पैक आकार
वजन के अनुसार:
- 200 ग्राम
- 500 ग्राम
- 1 किलोग्राम
- 2 किलोग्राम
- 3 किलोग्राम
- 4 किलोग्राम
- 5 किलोग्राम
- 15 किलोग्राम
- 20 किलोग्राम
तरल मात्रा के अनुसार:
- 200 मिलीलीटर
- 500 मिलीलीटर
- 1 लीटर
- 2 लीटर
- 3 लीटर
- 4 लीटर
- 5 लीटर
- 15 लीटर
- 20 लीटर
हालांकि 200 ग्राम या 200 मिलीलीटर से कम मात्रा वाले पैकेटों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
तीन महीने में खत्म होंगे गैर-मानक पैक
सरकार ने निर्माताओं, पैकर्स और आयातकों को नए नियमों के अनुपालन के लिए तीन महीने का समय दिया है। इसके बाद गैर-मानक पैक आकार बाजार से हट जाएंगे। इससे उपभोक्ताओं को विभिन्न ब्रांडों की कीमतों की तुलना करने में आसानी होगी और उत्पादों की वास्तविक कीमत को समझना सरल होगा।

बाजार में बढ़ी थी भ्रम की स्थिति
शंकर ठक्कर ने कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अधिक स्वतंत्रता देने के उद्देश्य से पैक आकारों को गैर-मानकीकृत किया गया था, लेकिन पिछले तीन वर्षों में इससे बाजार में असामान्य पैक आकारों की भरमार हो गई। इससे उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए भ्रम की स्थिति पैदा हुई। उनका कहना है कि नया निर्णय खुदरा बाजार में व्यवस्था और पारदर्शिता बहाल करेगा तथा सभी कंपनियों के लिए समान प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार करेगा।
उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण जैन ने कहा कि मानकीकृत पैक आकार उपभोक्ताओं के हित में हैं। इससे विभिन्न ब्रांडों की कीमतों की तुलना करना आसान होगा और खरीदारों को उत्पाद का वास्तविक मूल्य समझने में मदद मिलेगी। अनियमित पैक आकारों के कारण खुदरा बाजार में अक्सर भ्रम की स्थिति बन जाती थी, जो अब समाप्त होगी।
हितधारकों की बैठक के बाद लिया गया निर्णय
यह संशोधित SOP 20 मई को उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे की अध्यक्षता में आयोजित हितधारकों की बैठक के बाद जारी की गई। बैठक में खाद्य तेल उद्योग की प्रमुख संस्थाओं ने उपभोक्ता जागरूकता और बाजार पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से मानक पैक आकारों को पुनः लागू करने पर सहमति व्यक्त की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी मूल्य व्यवस्था मिलेगी, जबकि व्यापारियों और कंपनियों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा मिलेगा।











