मानव सेवा के पर्याय बने दिलीपकुमार राठौड़, जरूरतमंदों के लिए लगातार चला रहे सेवा अभियान

— रिपोर्ट
विक्रम बी. राठौड़ (भायंदर/बाली)
बाली। समाज में जहां अधिकांश लोग अपने व्यक्तिगत कार्यों में व्यस्त रहते हैं, वहीं बाली निवासी दिलीपकुमार कांतिलाल राठौड़ मानव सेवा को अपना जीवन ध्येय बनाकर जरूरतमंदों की सहायता में निरंतर जुटे हुए हैं। उनके द्वारा वर्षों से किए जा रहे सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
दिलीपकुमार राठौड़ जरूरतमंदों, रोगियों, विद्यार्थियों एवं बेसहारा लोगों की सहायता के लिए समय-समय पर विभिन्न सेवा गतिविधियों का संचालन करते हैं। कैंसर पीड़ितों तथा अस्पतालों में उपचार के लिए बाहर से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में भी वे अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
भूखों को भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समय-समय पर भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके तहत बूंदी के लड्डू, आमरस-पूरी सहित अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया जाता है। गर्मी के मौसम में राहगीरों और जरूरतमंदों को ठंडी छाछ, शरबत, कोकम शरबत तथा पानी के पाउच वितरित किए जाते हैं। वहीं बारिश के मौसम में जरूरतमंद परिवारों को छतरियां तथा सर्दी के दौरान बेसहारा लोगों को कंबल और गर्म शॉल उपलब्ध कराए जाते हैं।
अस्पताल सेवा के अंतर्गत बाहर से आने वाले मरीजों के परिजनों को भोजन, चटाई, कंबल, टॉवल, नैपकिन और पानी की बोतलों जैसी आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा जीव दया की भावना को बढ़ावा देते हुए पशु-पक्षियों के लिए पानी की मिट्टी की कूंडियां (परिंडे) भी वितरित की जाती हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में भी दिलीपकुमार राठौड़ का योगदान उल्लेखनीय है। पिछले तीन वर्षों से वे जरूरतमंद विद्यार्थियों को नि:शुल्क स्कूल किट वितरित कर रहे हैं। इसी क्रम में चौथे वर्ष का स्कूल किट वितरण कार्यक्रम 14 जून 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस किट में संपूर्ण शिक्षण सामग्री, स्टेशनरी, स्कूल बैग, टिफिन बॉक्स, छतरी और पानी की बोतल शामिल होगी। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की स्कूल फीस वहन करने का कार्य भी उनके सहयोगियों के माध्यम से किया जा रहा है।
समाज के विभिन्न वर्गों ने दिलीपकुमार राठौड़ के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे मानवता और परोपकार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। लोगों का कहना है कि वर्तमान समय में निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सेवा करना अत्यंत प्रेरणादायक कार्य है और ऐसे प्रयासों से समाज में सहयोग एवं संवेदनशीलता की भावना मजबूत होती है।













