न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को किया विभिन्न प्रकार के दुर्व्यवहार के बारे में जागरूक’
’ट्रांस्फॉमेर्टिव अभियान के तहत शारीरिक, मानसिक तथा यौन दुर्व्यवहार के प्रति किया जागरूक’

भरत शर्मा
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा ट्रांसफोर्मेटिव ट्यूजडे (परिवर्तनकारी मंगलवार) अभियान का शुभारंभ किया गया।
जिसका उद्देश्य स्कूली छात्रों को कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और वर्तमान सामाजिक-कानूनी मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाना है।
इसी क्रम में जिले के समस्त न्यायिक अधिकारियों द्वारा राजकीय तथा गैर राजकीय विद्यालयों में विभिन्न प्रकार के दुर्व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ‘‘शोषण के खिलाफ आवाज उठाओः स्वयं अपने रक्षक बने! अच्छा स्पर्श, बुरा स्पर्शः फर्क समझो, सुरक्षित रहो!’’ थीम आधारित जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पाली (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) राजेंद्र कुमार द्वारा इमानुअल मिशन उच्च माध्यमिक विद्यालय पाली में इस अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें राजेन्द्र कुमार द्वारा विभिन्न प्रकार के दुर्व्यवहार यथा शारीरिक, मानसिक तथा यौन दुर्व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को गुड टच एवं बैड टच की सरल एवं व्यवहारिक जानकारी देते हुए शारीरिक, मानसिक तथा यौन दुर्व्यवहार की पहचान करने के तरीकों से भी अवगत कराया। इसके साथ ही बताया कि अच्छा स्पर्श वह होता है जिससे सुरक्षा, सम्मान एवं अपनापन महसूस हो, जबकि ऐसा कोई भी स्पर्श जिससे असहजता, भय या शर्मिंदगी महसूस हो, उसे तुरंत पहचानना आवश्यक है तथा इसके बारे में तुरंत अपने अभिभावकों, अध्यापकगण अथवा अपने विश्वसनीय सहयोगी को इस बारे में बताए ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। राजेंद्र कुमार द्वारा दुर्व्यवहार की रोकथाम व इससे बचने के उपाय बताए एवं विभिन्न प्रकार के हेल्पलाइन नंबर भी विद्यार्थियों के मध्य साझा किए ताकि आवश्यकता होने पर इसका उपयोग किया जा सके।
इसी कड़ी में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला न्यायाधीश) विक्रम सिंह भाटी द्वारा नवनीत उच्च माध्यमिक विद्यालय पाली में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में अभियान के उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुए विभिन्न प्रकार के दुर्व्यवहार की जानकारी दी तथा विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार होने पर मजबूती से अपनी आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया एवं नालसा, रालसा तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका के बारे में भी अवगत कराया। इसके अतिरिक्त दुर्व्यवहार करने वाले के खिलाफ सजा के प्रावधान के बारे में बताते हुए यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो), किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 आदि के बारे में जानकारी दी। इस दौरान प्रधानाचार्य सज्जन सिंह, नवनीत उच्च माध्यमिक विद्यालय, प्रधानाचार्य शिबिन वर्गिस, समन्वयक नरोतम राजपुरोहित इमानुअल मिशन उच्च माध्यमिक विद्यालय, अधिकार मित्र मांगीलाल तंवर सहित अध्यापकगण व बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त जिले के समस्त न्यायिक अधिकारियों द्वारा विभिन्न राजकीय तथा निजी विद्यालयों में विशेष अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर बच्चों को दुर्व्यवहार को पहचानने के तरीके, इससे बचने के उपाय, बच्चों के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर आदि के संबंध में जागरूक किया तथा समस्त न्यायिक अधिकारियों द्वारा आवंटित विद्यालय में बच्चों के सुविधार्थ के लिए शिकायत पेटी (कोर्ट वाली दीदी) भी स्थापित की गई, जिससे विद्यार्थी विद्यालय तथा अपने आवासीय स्थान से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत पेटी में डाल सके।











