सेवा का बना महापर्व: 501 फीट साफा, मसक बाजों की गूंज और सैकड़ों रक्तवीरों के उत्साह ने बनाया रक्तदान शिविर यादगार

मोनू सुरेश छीपा।
शाहपुरा। निकटवर्ती ग्राम देवरिया स्थित देव तलाई परिसर शुक्रवार को सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकार का केंद्र बन गया। कर्नाटक राज्यपाल के ओएसडी शंकरलाल गुर्जर के जन्मदिवस के अवसर पर रक्त सैनिक सेवा संघ के तत्वावधान में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में सैकड़ों रक्तवीरों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। सुबह से ही युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की लंबी कतारें रक्तदान के लिए लगी रहीं।
शिविर में महात्मा गांधी ब्लड बैंक, केशव ब्लड सेंटर देवली तथा कोटड़ी श्याम ब्लड बैंक, भीलवाड़ा की विशेषज्ञ टीमों ने रक्त संग्रह किया। रक्त सैनिक सेवा संघ के कार्यकर्ताओं ने पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन करते हुए रक्तदाताओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला, जब कोठियां गांव के ग्रामीण 501 फीट लंबा साफा लेकर मसक बाजों की मधुर धुन पर नाचते-गाते देव तलाई पहुंचे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीणों के इस भव्य जुलूस ने पूरे आयोजन को उत्सव का स्वरूप दे दिया। वहीं बनेड़ा से बाबूलाल माली के नेतृत्व में पहुंचे 60 युवाओं ने सामूहिक रूप से रक्तदान कर युवाशक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।
शिविर में नियमित रक्तदान करने वाले रक्तवीरों का सम्मान भी किया गया। कैलाश कुमावत ने 51वीं बार तथा अमित पारीक ने 41वीं बार रक्तदान कर समाज के सामने अनुकरणीय मिसाल पेश की। आयोजन के दौरान अलगोजा वादन की मनमोहक प्रस्तुतियों ने लोक संस्कृति की छटा बिखेरते हुए उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर सवाईभोज मंदिर आसींद के महंत सुरेश दास महाराज, गुलाबपुरा थाना प्रभारी संजय गुर्जर, भाजपा जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, शाहपुरा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष जीवराज गुर्जर, नगर मंडल अध्यक्ष पंकज सुगंधी, पूर्व मंडल अध्यक्ष उदयलाल सिरोठा, विधानसभा संयोजक शिवराज कुमावत, पूर्व उपप्रधान बजरंग सिंह राणावत, वरिष्ठ अधिवक्ता हेमेंद्र शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि शंकरलाल गुर्जर ने कहा कि रक्तदान ऐसा महादान है, जो किसी जरूरतमंद को नया जीवन प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं से नियमित रक्तदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की सबसे बड़ी सेवा किसी अनजान व्यक्ति के जीवन की रक्षा करना है। उनके प्रेरक उद्बोधन ने उपस्थित युवाओं में रक्तदान के प्रति नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया।











