सरस्वती विद्या मंदिर में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास से मनाया

सादड़ी, 15 अगस्त 2026। सरस्वती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, सादड़ी में देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, देशभक्ति एवं सांस्कृतिक वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बहादुर सिंहजी, व्यवस्थापक देवारामजी घांची एवं उपाध्यक्ष नारायणलाल लोहार सहित विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य, आचार्य, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। इसके पश्चात ध्वजारोहण किया गया। घोष वादन दल ने आकर्षक घोष प्रदर्शन करते हुए तिरंगे एवं अतिथियों का अभिवादन किया। प्रधानाचार्य मनोहरलाल सोलंकी ने अतिथियों का परिचय कराया। विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि बहादुर सिंहजी का साफा एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया।
घोष एवं योग प्रदर्शन
आचार्य प्रकाश कुमार चौहान के मार्गदर्शन में घोष दल ने विभिन्न रचनाओं का मनमोहक घोष वादन प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने योग एवं आसन की विभिन्न मुद्राओं का प्रदर्शन कर स्वस्थ एवं निरोग रहने का संदेश दिया।
विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन एवं प्रतिभा सम्मान
आचार्य राकेश बावल ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं गतिविधिगत उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। राजस्थान बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। भैया प्रिंस ने 92 प्रतिशत तथा बहिन पूजा माली ने कला वर्ग में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। मुख्य अतिथि द्वारा दोनों विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, कविता, भाषण एवं नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बहिनों ने ‘धरती धोरा री’ एवं घूमर नृत्य प्रस्तुत कर राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति की मनमोहक झलक प्रस्तुत की। ‘खम्मा घणी’ एवं ‘म्हारो राजस्थान’ जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से राजस्थानी गौरव एवं वीरता को प्रदर्शित किया गया।
भैयाओं ने संस्कृत नाटक प्रस्तुत कर भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों की रक्षा का संदेश दिया। नाटक के माध्यम से ‘राजा का सुख प्रजा के सुख में है’ जैसे प्रेरणादायी भाव को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। बहिन एंजल ने राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता पर कविता प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने संस्कृत एवं अंग्रेजी भाषण भी प्रस्तुत किए।
कक्षा तृतीया के भैयाओं ने विद्या भारती के शिक्षा एवं संस्कार संबंधी विचारों पर प्रस्तुति दी। ‘अपनी भारत माता को सिरमौर बनाएंगे’ जैसे देशभक्ति भावों से ओत-प्रोत कार्यक्रम ने उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की। विद्यार्थियों एवं आचार्यों के संवाद पर आधारित गतिविधि की भी सराहना हुई।
कवि सम्मेलन में गूंजा राष्ट्रप्रेम
कार्यक्रम में कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया। विद्यार्थियों ने राष्ट्रप्रेम, तिरंगे, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई एवं देश के वीर शहीदों पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं। ‘अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है’ जैसे भावों के माध्यम से विद्यार्थियों ने मातृभूमि के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा के लिए किया प्रेरित
मुख्य अतिथि बहादुर सिंहजी ने आशीर्वचन में विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने, संस्कारवान बनने तथा जीवन में आगे बढ़कर राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति को जीवन का आधार बनाना चाहिए।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोहरलाल सोलंकी ने सभी अतिथियों, समिति सदस्यों, अभिभावकों, आचार्यों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया तथा स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में व्यवस्थापक देवारामजी घांची, उपाध्यक्ष नारायणलाल लोहार, समिति सदस्य रूपाराम प्रजापति एवं जीवराजजी माली सहित विद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता रही।
समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर देशभक्ति, संस्कार, संस्कृति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना से ओत-प्रोत रहा।











