दान की मिसाल बनी राक्षी, भामाशाहों ने विद्यालय को दिया डेढ़ लाख का सहयोग, लोक संस्कृति ने जीता दिल

स्वतंत्रता दिवस समारोह राक्षी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए सिर्फ देशभक्ति का पर्व नहीं, बल्कि गांव की एकजुटता, शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी और लोक संस्कृति के संरक्षण का प्रेरक अवसर बन गया।
समारोह में ग्रामवासियों और भामाशाहों ने विद्यालय के विकास के लिए करीब डेढ़ लाख रुपए का सहयोग देकर समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
कृष्णा प्रॉपर्टीज के भामाशाह हीरा लाल खार्रा ने विद्यालय विकास मद में 60 हजार रुपए का चेक देकर एक कक्षा-कक्ष के फर्नीचर की जिम्मेदारी ली। वहीं हरी लाल गुर्जर, नारायण गढ़वाल, सांवत खां, जयराम मीणा, गंगाराम दरोगा, उमराव मंसूरी, नारायण कुमावत, गोरू गुर्जर, हीरा लाल कुमावत, देवकिशन सेन, लालाराम नायक एवं कमलेश तेली सहित अन्य सहयोगकर्ताओं ने मिलकर 70 सेट टेबल-स्टूल विद्यालय को भेंट किए।
भामाशाहों का यह सहयोग केवल फर्नीचर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने यह संदेश दिया कि जब समाज अपनी आने वाली पीढ़ी की शिक्षा को अपना दायित्व समझता है, तो सरकारी विद्यालय भी विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
समारोह में गोपाल गुर्जर ने पंचायत द्वारा करवाए गए विकास कार्यों की सराहना करते हुए विद्यालय में नाला एवं प्रार्थना सभागार बनवाने की घोषणा की। पंचायत समिति सदस्य चैनू लाल गुर्जर ने विद्यार्थियों के आईडी कार्ड एवं टाई बनवाने की घोषणा की। कमला देवी वैष्णव ने स्मार्ट टीवी कक्ष के लिए बैटरी-इन्वर्टर तथा विकास बेरवा ने पांच सेट टेबल-स्टूल देने की घोषणा की।
तेजाजी के अलगोजा गीत पर थिरकीं बालिकाएं, सोशल मीडिया पर छाई प्रस्तुति
समारोह का सबसे आकर्षक और प्रेरक पल तब आया, जब विद्यालय की बालिकाओं ने तेजाजी के अलगोजा वाले लोकगीत पर राजस्थानी लोक संस्कृति से सजी शानदार प्रस्तुति दी।
पारंपरिक अंदाज में प्रस्तुत किए गए इस नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुति की रील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होकर ट्रेंडिंग में चल रही है।
वहीं विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर संदेशपरक नाटक, सुंदर पिरामिड प्रदर्शन और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समाज को जागरूकता का संदेश दिया।
समारोह ने एक साथ तीन संदेश दिए—बच्चों को बेहतर शिक्षा दें, विद्यालय के विकास में समाज भागीदार बने और अपनी लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।
प्रधानाचार्य मोहम्मद इमरान अंसारी ने सभी भामाशाहों, ग्रामवासियों, अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। राक्षी का यह समारोह साबित कर गया कि बदलाव के लिए बड़ी योजनाओं से ज्यादा जरूरी है|
समाज का छोटा-छोटा योगदान और शिक्षा के प्रति सच्ची निष्ठा।











