नेमीनाथ भगवान जन्मकल्याणक महोत्सव हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न

Vikram B Rathod
भायंदर। श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन मंदिर, भायंदर पश्चिम में भगवान नेमीनाथ के जन्मकल्याणक महोत्सव का भव्य आयोजन हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ।
धर्म में चातुर्मास को अत्यंत पवित्र एवं महत्वपूर्ण काल माना जाता है। वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य देव श्री धर्मधुरंधर सूरीश्वर जी म.सा. के आज्ञानुवर्ती साध्वी, बरखेड़ा तीर्थ उद्धारिका एवं महत्तरा शासन दीपिका साध्वी श्री सुमंगला श्रीजी म.सा. की शिष्या परम विदुषी साध्वी श्री प्रफुल्लप्रभा श्रीजी म.सा. तथा उनकी शिष्या साध्वी श्री पूर्णकला श्रीजी म.सा. की शिष्या साध्वी श्री सोम्यकला श्रीजी (नानकी म.सा.) के सान्निध्य में यह आयोजन हुआ।
महोत्सव के लाभार्थी परमार परिवार ने समुद्र विजय महाराजा, शिवा देवी महारानी एवं माता-पिता सहित भगवान नेमीनाथ के जन्म प्रसंग को भव्य रूप में प्रस्तुत किया। माता को रात्रि में आए 14 स्वप्नों का सुंदर चित्रण किया गया। संघ की बहुओं ने 14 स्वप्नों को अपने हाथों में लेकर भव्य नृत्य प्रस्तुत किया। इसके पश्चात 56 दीप कुमारियों द्वारा छोटी-छोटी बालिकाओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। भगवान का विधिवत अभिषेक भी किया गया।

भायंदर के प्रथम जैन मंदिर परिसर में चातुर्मास हेतु साध्वी श्री कुमुदकला श्रीजी एवं साध्वी श्री काव्यकला श्रीजी विराजमान हैं। यहां प्रतिदिन प्रवचन, सामायिक, स्वाध्याय, प्रतिक्रमण एवं विभिन्न धार्मिक आराधनाएं हो रही हैं।
इसके साथ ही चौदह पूर्व तप की तपस्या भी 3 अगस्त 2026 से प्रारंभ हुई है, जिसका पारणा 30 अगस्त 2026 को होगा। इस तप में एक दिन उपवास एवं एक दिन बियासणा किया जाता है।
नेमीनाथ भगवान जन्मकल्याणक महोत्सव में भक्ति की धूम संजय रांका ने अपने भक्ति कार्यक्रम से जमाई, जिससे श्रद्धालु भक्तिभाव में झूम उठे।











