बनेड़ा पुलिस का बड़ा खुलासा: 1 करोड़ की 765 केवी ट्रांसमिशन लाइन चोरी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार

- बनेड़ा
परमेश्वर दमामी
ब्यावर-मंदसौर लाइन से 2080 मीटर तार काटकर ले गए थे बदमाश, स्कॉर्पियो व बोलेरो पिकअप भी जब्त
बनेड़ा थाना पुलिस ने बिजली की 765 केवी हाई ट्रांसमिशन लाइन से करीब 1 करोड़ रुपये कीमत का तार चोरी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो और महिंद्रा बोलेरो पिकअप बरामद कर जब्त की है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अन्य चोरी की वारदातों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।
भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से 19 सितंबर 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार, बनेड़ा थाना क्षेत्र के रक्षी, मेघरास और सावास इलाके में ब्यावर-मंदसौर 765 केवी हाई ट्रांसमिशन लाइन से करीब 2080 मीटर तार चोरी किया गया था। चोरी हुए तार की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई गई है।
24 अगस्त 2024 को सामने आई थी वारदात
पुलिस के अनुसार 24 अगस्त 2024 को श्रीकान्त प्रसाद श्रीवास्तव, जो राजलक्ष्मी पावर ट्रांसमिशन लाइन के सहायक प्रबंधक थे, ने बनेड़ा थाने में रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में बताया गया कि थाना क्षेत्र में ट्रांसमिशन लाइन के खंभा नंबर 76/9 और 76/10 के बीच चोरों ने हाईटेंशन लाइन का तार काट दिया।
चोरों ने करीब 5204.2080 मीटर तार काटने का प्रयास किया, जिसमें से लगभग 2080 मीटर तार चोरी कर लिया गया। तार काटने के दौरान हाईड्रोजन फिटिंग को भी नुकसान पहुंचा और लाइन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।
पुलिस ने विशेष टीम गठित कर शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया तथा तकनीकी सहायता से संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई।
पुलिस ने पूर्व में हुई चोरी, लूट, डकैती और चालानबाजी से जुड़े आरोपियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई। इसी दौरान पुलिस को 765 केवी हाई ट्रांसमिशन लाइन के आसपास संदिग्ध गतिविधियों और वारदात से जुड़े लोगों के बारे में सुराग मिले।
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, तकनीकी अनुसंधान और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
तार काटने का तरीका भी सामने आया
पुलिस के मुताबिक आरोपी वारदात से पहले इलाके की रेकी करते थे। ट्रांसमिशन लाइन के आसपास की स्थिति और रास्तों की जानकारी जुटाने के बाद वारदात को अंजाम दिया जाता था।
आरोपी हाईटेंशन लाइन के खंभे पर चढ़कर तार काटते थे। इसके बाद तार को फंदे और अन्य साधनों की मदद से नीचे उतारा जाता था। पुलिस के अनुसार गिरोह के कुछ सदस्य आसपास निगरानी रखते थे, जबकि अन्य सदस्य तार काटने और उसे वाहन में लोड करने का काम करते थे।
तार को वाहनों में भरकर मौके से ले जाया जाता था और बाद में उसे बेचने की व्यवस्था की जाती थी। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ में अन्य वारदातों के बारे में भी जानकारी मिलने की बात कही है।
दो वाहन बरामद
पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो रजिस्ट्रेशन नंबर RJ14 UJ 6171 तथा महिंद्रा बोलेरो पिकअप रजिस्ट्रेशन नंबर RJ23 GA 8268 को बरामद कर जब्त किया है। पुलिस इन वाहनों की भूमिका और अन्य वारदातों में इनके इस्तेमाल के संबंध में भी जांच कर रही है।
सात आरोपी गिरफ्तार
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में—
- ओमप्रकाश काजला जाट, उम्र 33 वर्ष, निवासी टिकरिया, थाना थोई, जिला सीकर
- राकेश पुत्र शंकर लाल रोलेण जाट, उम्र 24 वर्ष, निवासी लाम्बा की ढाणी, कांट थाना, जिला सीकर
- संदीप लाम्बा पुत्र राजेन्द्र प्रसाद लाम्बा जाट, उम्र 24 वर्ष, निवासी लाम्बा की ढाणी, कांट थाना, जिला सीकर
- नितिन सैन पुत्र सुरज्ञान सैन, उम्र 23 वर्ष, निवासी कांट, थाना थोई, जिला सीकर
- राकेश कुमार पुत्र रामकुंवार स्वामी, उम्र 27 वर्ष, निवासी भावदाड़ी, थाना थोई, जिला सीकर
- महीपाल पुत्र रामेश्वर लाल जाट, उम्र 32 वर्ष, निवासी कांट, थाना थोई, जिला सीकर
- मनोज कुमार पुत्र मंगल चन्द यादव, उम्र 26 वर्ष, निवासी कांट, थाना थोई, जिला सीकर शामिल हैं।
पुराने आपराधिक प्रकरण भी सामने आए
पुलिस प्रेस नोट में कुछ आरोपियों के खिलाफ पूर्व के आपराधिक प्रकरणों का भी उल्लेख किया गया है। संदीप लाम्बा, नितिन सैन और महीपाल के संबंध में विभिन्न थानों में दर्ज प्रकरणों की जानकारी पुलिस ने दी है। इनमें धारा 379 आईपीसी सहित अन्य धाराओं के मामले शामिल हैं।
पुलिस इन आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी अनुसंधान कर रही है।
अन्य वारदातों का भी हो सकता है खुलासा
पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ के दौरान ट्रांसमिशन लाइन से तार चोरी सहित अन्य चोरी की वारदातों के संबंध में जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि अनुसंधान जारी है और पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का खुलासा होने की संभावना है।
पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में बनेड़ा थाना पुलिस, साइबर सेल और विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान एवं सूचनाओं के आधार पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मामले में चोरी किए गए तार तथा उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है।
पुलिस टीम में शामिल अधिकारी/जवान
- ओमप्रकाश कासनिया — पुनि/थानाधिकारी, थाना बनेड़ा
- नोरतमल शर्मा — सउनि
- सत्यनारायण — एसएसआई, साइबर सेल, भीलवाड़ा
- सुभाष सिंह — हेड कांस्टेबल, 1535
- भूपेन्द्र गिरी — हेड कांस्टेबल, 1523
- कालूराम भायल — हेड कांस्टेबल, 1489, डीएसटी भीलवाड़ा
- राकेश गुर्जर — कांस्टेबल, 1733, डीएसटी भीलवाड़ा
- रामावतार — कांस्टेबल, 510 (विशेष योगदान)
- अजय सिंह — कांस्टेबल, 1568 (विशेष योगदान)
- मुकेश कुमार — कांस्टेबल, 1815
- महेश कुमार — कांस्टेबल, 1947
इन सभी पुलिस कर्मियों की मुख्य भूमिका रही।











