बाली जैन मित्र मंडल मुंबई की पंचतीर्थ यात्रा हर्षोल्लास के साथ संपन्न

Vikram B Rathod
मुंबई। श्री बाली जैन मित्र मंडल, मुंबई द्वारा पंचतीर्थ यात्रा प्रवास का भव्य आयोजन किया गया। यात्रा में अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ, उज्जैन, मोहनखेड़ा तीर्थ, भोपावर तीर्थ, 108 अमीझरा पार्श्वनाथ तीर्थ, भक्तामर तीर्थ एवं 108 नागेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ सहित विभिन्न जैन तीर्थस्थलों के दर्शन किए गए। यात्रा में मुंबई से लगभग 225 श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
यात्रा के मुख्य लाभार्थी मातुश्री स्व. मोतीबाई वालचंदजी प्रेमचंदजी परमार परिवार, फर्म जनता स्टील, शिवड़ी/भिवंडी रहे। यात्रा का प्रस्थान गुरुवार 1 अक्टूबर 2026 को मुंबई से तीन अलग-अलग ट्रेनों, अवंतिका एक्सप्रेस, मुंबई सेंट्रल-जयपुर एक्सप्रेस तथा मुंबई सेंट्रल-बांद्रा-जयपुर सुपरफास्ट से हुआ।
अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ में धार्मिक आयोजन
2 अक्टूबर को संघ का अवंती पार्श्वनाथ धर्मशाला में आगमन हुआ। यहां नवकारसी, सामूहिक चैत्यवंदन, सेवा-पूजा एवं भोजन के बाद बसों द्वारा मणिभद्र वीर, अलौकिक पार्श्वनाथ एवं अभ्युदयपुरम तीर्थ के दर्शन किए गए। इसके बाद हाई-टी, चोविहार, आरती एवं प्रभु भक्ति का आयोजन हुआ। रात्रि 9 बजे संघ मोहनखेड़ा तीर्थ के लिए रवाना हुआ और रात्रि विश्राम मोहनखेड़ा में किया गया।
इस दिन नवकारसी के लाभार्थी मदनबाई गोतमराजजी भंडारी परिवार, दोपहर के भोजन के लाभार्थी पानीबाई पुखराजजी मंगेशा परिवार तथा शाम के भोजन के लाभार्थी पिस्ताबेन उत्तमचंदजी राठौड़ परिवार रहे।
मोहनखेड़ा में भक्ति और पूजा महोत्सव
3 अक्टूबर को मोहनखेड़ा में सुबह 6:30 बजे प्रभातिया के साथ दिन की शुरुआत हुई। नवकारसी के बाद मंदिरजी में स्नात्र पूजा महोत्सव, संगीत एवं भक्ति कार्यक्रम आयोजित हुआ। भोजन के पश्चात संघ ने भोपावर तीर्थ, 108 अमीझरा पार्श्वनाथ तीर्थ एवं भक्तामर तीर्थ के दर्शन किए। हाई-टी, चोविहार, आरती एवं रात्रि भक्ति के बाद संघ 108 नागेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ के लिए रवाना हुआ तथा वहां रात्रि विश्राम किया।
नवकारसी के लाभार्थी पानीबाई चुन्नीलालजी राठौड़ एवं समीला चंपकभाई राठौड़, दोपहर के भोजन के लाभार्थी मोहनलाल टेकचंदजी परमार तथा शाम के भोजन के लाभार्थी अनिल बस्तीमलजी कितावत परिवार रहे।
नागेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ में धार्मिक कार्यक्रम
4 अक्टूबर को नागेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ में सुबह प्रभातिया एवं भक्तामर स्त्रोत के बाद नवकारसी का आयोजन हुआ। इसके पश्चात मंदिरजी में शक्रस्तव महाअभिषेक संगीत, नृत्य एवं भक्ति के साथ संपन्न हुआ। सुबह के भोजन के बाद महिला सांझी, लाभार्थी परिवारों का बहुमान एवं हाई-टी का आयोजन किया गया। शाम को चोविहार, आरती एवं प्रभु भक्ति के बाद संघ बसों द्वारा रतलाम स्टेशन पहुंचा, जहां से गरीब रथ ट्रेन द्वारा मुंबई के लिए प्रस्थान किया गया।
नवकारसी के लाभार्थी रतनबाई मागीलालजी राठौड़, दोपहर के भोजन के लाभार्थी रतनबेन बस्तीमलजी राठौड़ तथा शाम के चोविहार के लाभार्थी शकुंतलाबाई जावतराजजी राठौड़ एवं वर्षा नवनीत राठौड़ रहे।


विभिन्न व्यवस्थाओं में रहे लाभार्थी
यात्रा के दौरान बस व्यवस्था के लाभार्थियों में भैरव भक्त परिवार, पुष्पा देवी बख्तावरमलजी पुनमिया, सेसली दादा भक्त परिवार, सुखीबाई शंकरलाल श्रीमाल परिवार तथा सुखीबाई हस्तीमलजी कितावत परिवार शामिल रहे।
संपूर्ण संघ में भक्ति के लाभार्थी मोतीबाई वालचंदजी परमार एवं अशोक वालचंदजी परमार परिवार, संघ पूजा के लाभार्थी मीठी मां परिवार, किट के लाभार्थी उमरावाई मोहनलालजी कितावत परिवार रहे। सांझी मेहंदी के लाभार्थी पवन देवी धीसुलालजी सिरोया एवं रक्षा महेंद्रजी सिरोया, जबकि प्रभातिया के लाभार्थी कंचनबेन जीवराजजी पुनमिया एवं सेवतीबेन बाबूलालजी राठौड़ रहे।
मंडल पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सहभागिता
यात्रा के सफल आयोजन में बाली जैन मित्र मंडल मुंबई के अध्यक्ष किरण एम. कितावत, सचिव चंपक राठौड़, उपाध्यक्ष मुकेश भंडारी, सह सचिव उत्तम बी. धोका एवं राजेश मेहता, कोषाध्यक्ष महेंद्र सिरोया तथा सह कोषाध्यक्ष भरत राठौड़ सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यकारिणी में उत्तम पुनमिया, विक्रम राठौड़, प्रदीप भंडारी, चंद्रेश मेहता, जितेंद्र भंडारी, दिलीप धोका, अरविंद कितावत, राजीव पुनमिया, दिनेश मेहता, अनिल गेमावत, भूपेंद्र राठौड़, हरिश राठौड़ एवं विजय मेहता सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
मनोनीत सदस्यों में निलेश मेहता एवं दर्शिक कितावत, जबकि सलाहकार के रूप में श्रीपाल कितावत, रणजीत बाफना, प्रकाश धोका एवं कमलेश धोका रहे।
यात्रा में बाली जैन संघ के ट्रस्टी कमलेश धोका, नवनीत राठौड़ एवं श्रीपाल बाफना भी उपस्थित रहे। वहीं महावीर जैन नवयुवक मंडल के सचिव विक्रम राठौड़ ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
पूरे यात्रा प्रवास के दौरान श्रद्धालुओं में धार्मिक आस्था, भक्ति एवं उत्साह का वातावरण बना रहा। विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन, पूजा-अर्चना, सामूहिक भक्ति एवं धार्मिक आयोजनों के साथ पंचतीर्थ यात्रा श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई।











