मनरेगा मजदूरों का भुगतान में देरी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पंचायत में हंगामा

Prabhu Lal Lohar
भीलवाड़ा। जिले की ग्राम पंचायत नांदशा में मनरेगा मजदूरों के भुगतान में कथित देरी को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। मजदूरी के लिए भटक रहे श्रमिकों ने सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए पंचायत कार्यालय का घेराव किया। हालात ऐसे बने कि विकास अधिकारी (बीडीओ) गजेंद्र सिंह के मौके पर पहुंचने के बाद ही पंचायत कार्यालय खुला, जिसके बाद ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जताई।
ग्रामीण प्रतिनिधि विक्रम सिंह चुंडावत ने बताया कि लंबे समय से मनरेगा मजदूर अपनी बकाया मजदूरी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बार-बार पंचायत के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। भुगतान नहीं मिलने से नाराज बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रमिक पंचायत मुख्यालय पहुंचे और पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। देखते ही देखते पंचायत परिसर ग्रामीणों की भीड़ से भर गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत कार्यालय नियमित समय पर नहीं खुलता तथा ग्राम विकास अधिकारी पुष्कर माली अक्सर निर्धारित समय के काफी बाद कार्यालय पहुंचते हैं।

उनका कहना है कि कई बार अधिकारी दोपहर 12 बजे तक पंचायत नहीं आते और कुछ समय बाद ही वापस चले जाते हैं, जिससे आमजन के जरूरी कार्य लंबित पड़े रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बुधवार को भी बीडीओ गजेंद्र सिंह के पहुंचने के बाद ही ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सरपंच सरवणी देवी और ग्राम विकास अधिकारी पुष्कर माली पर मनरेगा मजदूरों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कई श्रमिकों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है, जबकि वे अपना कार्य पूरा कर चुके हैं। मजदूरी नहीं मिलने से गरीब और मजदूर परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है तथा कई परिवारों को दैनिक जरूरतों की पूर्ति के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन हरकत में आया और बीडीओ गजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद माहौल शांत हुआ, लेकिन ग्रामीणों ने जल्द भुगतान और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र बकाया भुगतान जारी नहीं किया गया तथा कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्रभर में पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।











