ठेकेदार की लापरवाही से लोगों की जान जोखिम में: सड़क पर बिखरी रेत और बीच सड़क पर खुला खड्डा, शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

Prabhu Lal Lohar
भीलवाड़ा। शहर के देवरिया बालाजी मंदिर (लव गार्डन) मुख्य मार्ग पर नाले के निर्माण कार्य के बाद ठेकेदार की लापरवाही अब आमजन की सुरक्षा पर भारी पड़ रही है। निर्माण कार्य पूरा हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन सड़क पर अब भी रेत बिखरी हुई है। वहीं बरसात के पानी की निकासी के लिए मुख्य सड़क पर खोदा गया बड़ा खड्डा भी खुला पड़ा है, जिससे हर दिन दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस गंभीर समस्या से संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
देवरिया बालाजी मंदिर और लव गार्डन क्षेत्र शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु, मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक करने वाले लोग, महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे तथा दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक आवागमन करते हैं। सड़क पर बिखरी रेत के कारण दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा लगातार बना हुआ है, जबकि खुले खड्डे से पैदल चलने वालों को भी जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ रहा है। रात के समय यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार ने सड़क की सफाई तक नहीं करवाई। न तो सड़क पर बिखरी रेत हटाई गई और न ही खुले खड्डे के आसपास किसी प्रकार की बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा के इंतजाम किए गए।

इससे हर दिन हादसे की आशंका बनी रहती है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर नगर निगम और संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क को सुरक्षित नहीं बनाया गया और निर्माण सामग्री नहीं हटाई गई, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और लापरवाह ठेकेदार की होगी। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर बिखरी रेत को तत्काल हटाया जाए, खुले खड्डे को भरकर मार्ग को सुरक्षित बनाया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में आमजन की जान से इस तरह का खिलवाड़ न हो।











