चांदी के भव्य रथ में विराजे सांवलिया सेठ, राम रेवाड़ी में उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब

प्रवीण सेन।
सांवलियाजी में आस्था का महासैलाब, जयकारों से गूंजा धाम
जलझूलनी एकादशी के अवसर पर सांवलियाजी धाम में मंगलवार को भक्ति, आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान सांवलिया सेठ की भव्य राम रेवाड़ी निकाली गई, जिसमें चांदी के आकर्षक रथ में विराजित प्रभु के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का महासैलाब उमड़ पड़ा। पूरे मार्ग में ‘जय सांवलिया सेठ’ और ‘सांवरिया सेठ की जय’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
राम रेवाड़ी के नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर भगवान सांवलिया सेठ का स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर प्रभु के दर्शन किए। हाथों में ध्वज और पूजा सामग्री लिए श्रद्धालु रेवाड़ी के मार्ग में कतारबद्ध नजर आए।
चांदी के रथ में विराजे सांवलिया सेठ
भगवान सांवलिया सेठ को आकर्षक रूप से सजाए गए चांदी के भव्य रथ में विराजित किया गया। रथ के आगे श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, वहीं पीछे दर्शन के लिए भक्तों का विशाल समूह उमड़ता रहा। बच्चों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों में भी आयोजन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
जलझूलनी एकादशी के अवसर पर राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु सांवलियाजी पहुंचे। मंदिर परिसर से लेकर प्रमुख मार्गों तक श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। राम रेवाड़ी के दौरान भक्ति गीतों, जयकारों और पुष्पवर्षा से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन एवं मंदिर मंडल की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। आयोजन के दौरान मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश धाकड़, मंदिर मंडल के सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।











