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राजसमंद में जल क्रांति की नई उम्मीद: क्या खारी फीडर का अतिरिक्त पानी भरेगा चंद्रभागा और रायथलिया बांध?

सत्यनारायण सेन गुरला


राजसमंद झील के ओवरफ्लो पानी को चंद्रभागा नदी (गलवा) से जोड़ने के लिए लिंक नहर बनाने की उठी मांग; क्षेत्र के किसानों को मिलेगा बड़ा सहारा

भीलवाड़ा/राजसमंद। भीलवाड़ा जिले में जल सुरक्षा और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक दूरदर्शी और ऐतिहासिक जल संरक्षण मॉडल पर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय जल विशेषज्ञों और ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि राजसमंद झील में आने वाले अतिरिक्त पानी का सदुपयोग करने के लिए एक विशेष लिंक नहर परियोजना को हरी झंडी दी जाए।

खारी फीडर की चौड़ाई दोगुनी होने से बढ़ेगी पानी की आवक

रिपोर्ट के मुताबिक, राजसमंद झील को भरने वाली खारी फीडर की चौड़ाई को पहले के मुकाबले दोगुना (डबल) कर दिया गया है। इस तकनीकी सुधार के बाद अब मानसून के दौरान फीडर के जरिए राजसमंद झील में पहले से कहीं अधिक मात्रा में पानी पहुंचेगा। जल विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बदलाव के बाद राजसमंद झील बहुत ही कम समय में अपनी पूरी क्षमता (स्टोरेज फुल) तक भर जाएगी।

क्या है प्रस्तावित ‘लिंक नहर परियोजना’?

झील का स्टोरेज फुल होने के बाद जो अतिरिक्त पानी व्यर्थ बह जाता है, उसे सहेजने के लिए एक अनूठा खाका तैयार किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार:
1.राजसमंद झील से एक नई लिंक नहर का निर्माण किया जाए।
2.इस नहर को देवपुरा होते हुए गलवा (काबरी महादेव मंदिर के पास)
3.चंद्रभागा नदी से जोड़ा जाए।नहर के माध्यम से अतिरिक्त पानी को चंद्रभागा नदी में प्रवाहित किया जाए।

दूरी और मार्ग का विवरण सीधी दूरी : राजसमंद झील के पूर्वी किनारे (कांकरोली-राज नगर क्षेत्र) से गलवा गांव की हवाई दूरी लगभग 20.6 किलोमीटर है।

प्रस्तावित नहर का मार्ग यह नहर राजसमंद झील से शुरू होकर देवपुरा के पास से गुजरेगी और आगे बढ़ते हुए गलवा में काबरी महादेव मंदिर के पास चंद्रभागा नदी से जुड़ेगी।

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एक तीर से कई निशाने: तीन बांधों को मिलेगा जीवनदान

यदि इस लिंक नहर का निर्माण होता है, तो राजसमंद झील का अतिरिक्त पानी सीधे चंद्रभागा बांध और रायथलिया बांध को पूरी तरह से भर देगा। इन दोनों बांधों के भरने के बाद पानी आगे बढ़ते हुए पुनः बनास नदी में विलीन हो जाएगा, जिससे बनास नदी में पानी का निरंतर प्रवाह बना रहेगा।
क्षेत्र को होने वाले बड़े फायदे भू-जल स्तर में सुधार इस पूरे रूट पर बहने वाले पानी से आस-पास के दर्जनों गांवों का वॉटर लेवल तेजी से ऊपर आएगा।

किसानों की समृद्धि चंद्रभागा और रायथलिया बांध भरने से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा।
क्षेत्रीय जल सुरक्षा गर्मियों के दिनों में होने वाली पीने के पानी की किल्लत से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
ग्राउंड रिपोर्ट स्थानीय निवासियों और किसानों ने इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन और राजस्थान के मुख्यमंत्री से तकनीकी सर्वे करवाने की पुरजोर अपील की है। अब देखना यह है कि जल संसाधन विभाग इस महत्वाकांक्षी और जनहितैषी योजना पर कब तक कदम उठाता है।

Khushal Luniya

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