उत्तर प्रदेश

नेशनल मीडिया प्रेस क्लब की तिरंगा यात्रा में दिखा पत्रकारों का रौद्र और क्रांतिकारी रूप; घंटाघर पर ताला देख भड़के पत्रकार, पुलिस ने ताला तोड़ खोला द्वार, श्याम नगर कार्यालय में पत्रकार हितों की मांगों को लेकर हुआ शंखनाद

नेशनल मीडिया प्रेस क्लब प्रादेशिक कार्यालय पर 80वें स्वतंत्रता दिवस के झंडारोहण के बाद शुरू हुई ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा; भारत माता का कराया माल्यार्पण, 7 सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन की दी सरकार को चेतावनी

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कानपुर/ आजादी के महापर्व पर कानपुर में भारत का लोकप्रिय संगठन ‘नेशनल मीडिया प्रेस क्लब’ द्वारा निकाली गई पारंपरिक तिरंगा यात्रा इस बार इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई। काकादेव प्रादेशिक कार्यालय से शुरू हुई यह यात्रा देशभक्ति और क्रांतिकारी पत्रकारिता की अनूठी मिसाल बनी। रास्ते में घंटाघर चौराहे पर प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ शांतिपूर्ण आक्रोश दिखाने से लेकर, श्याम नगर कार्यालय में पत्रकार हितों के लिए हुंकार भरने तक, कलम के सिपाहियों ने यह साबित कर दिया कि वे देश और समाज के सच्चे सजग प्रहरी हैं। आइए देखते हैं इस पूरी यात्रा की यह विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट
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देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक और पावन अवसर पर, सर्वप्रथम नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के काकादेव स्थित प्रादेशिक कार्यालय में सम्मानपूर्वक झंडारोहण किया गया। राष्ट्रगान और भारत माता के जयकारों के बीच तिरंगा फहराने के बाद, सैकड़ों पत्रकारों और समाजसेवियों का हुजूम हाथों में तिरंगा लिए भव्य ‘तिरंगा यात्रा’ के रूप में आगे बढ़ा। देशभक्ति के नारों के साथ आगे बढ़ रही यह पारंपरिक यात्रा जैसे ही घंटाघर चौराहे पर पहुंची, वहां का नजारा देखकर सभी दंग रह गए। आजादी के महापर्व के दिन भी भारत माता की प्रतिमा के मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ था। राष्ट्रीय गौरव के इस अपमान को देखकर क्लब के क्रांतिकारी पत्रकार आक्रोशित हो गए। उन्होंने तुरंत कानून-व्यवस्था का सम्मान करते हुए, आधा रोड खाली रखकर शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। माहौल की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और उच्च अधिकारियों से समन्वय कर स्वयं ताला तोड़कर भारत माता के द्वार को खोल दिया, जिसके बाद माल्यार्पण कर यात्रा आगे बढ़ी। ]घंटाघर की बाधा को पार कर तिरंगा यात्रा जैसे ही श्याम नगर प्रशासनिक कार्यालय पहुंची, वहां का माहौल उत्सव में बदल गया। राष्ट्रीय महामंत्री एडवोकेट ज्ञानेंद्र कटियार और संरक्षिका डॉ. पदमा द्वारा सभी तिरंगा यात्री ‘कलम के सिपाहियों’ का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया और परिसर में ससम्मान प्रवेश कराया गया। इसके बाद सभी पत्रकारों की मौजूदगी में प्रशासनिक कार्यालय पर झंडारोहण किया गया और राष्ट्रगान की गूंज के साथ भव्य मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष एम डी शर्मा ने सभी का स्वागत करते हुए कड़े शब्दों में निर्देश दिया कि सभी पत्रकार किसी भी डर के बिना, पूरी निष्पक्षता और एक दृढ़ संकल्प के साथ क्रांतिकारी सिपाहियों की भांति पत्रकारिता करें। इसी मंच से राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा भी खोला। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार को विगत कई वर्षों से पत्रकारों के हितों के लिए 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा जा रहा है, जिसमें पत्रकारों को संवैधानिक अधिकार देने, सुरक्षा कानून लागू करने, सम्मान, स्वास्थ्य सुविधा, बीमा, पेंशन, फर्जी मुकदमों का निरस्तीकरण व उत्पीड़न पर रोक और सरकारी विज्ञापनों में पारदर्शिता जैसी मांगें शामिल हैं।सरकार द्वारा इस पर ध्यान केंद्रित न करने के विरोध में सभी पत्रकारों ने एक साथ शंखनाद किया और सामूहिक शपथ ली कि जब तक भारत सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे और इसके लिए पैदल मार्च, धरना प्रदर्शन से लेकर आवश्यकता पड़ने पर आमरण अनशन तक करेंगे। पत्रकारों को कानूनी रूप से मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय महामंत्री एडवोकेट ज्ञानेंद्र कटियार ने सभी को ‘निःशुल्क कानून की पाठशाला’ का अध्ययन करने का निर्देश दिया, ताकि फील्ड में काम करते समय पत्रकारों को अपने अधिकारों और देश के कानूनों की सटीक जानकारी हो। इसके साथ ही उन्होंने एक ऐतिहासिक और बड़ा वादा करते हुए कहा कि क्लब से जुड़े सभी पत्रकारों के परिवारों के 12वीं पास बच्चों को बिना किसी शुल्क के, 45 दिनों के भीतर न्यूनतम 15000/ रुपये मासिक वेतन पर उनकी इच्छानुसार नौकरी दिलाई जाएगी। वहीं, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने पत्रकारिता के मानकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नेशनल मीडिया प्रेस क्लब द्वारा संचालित निःशुल्क प्रशिक्षण सत्रों से सभी पत्रकार जुड़े रहें, जिसका बाकायदा पेपर भी आयोजित होगा और उत्तीर्ण होने वालों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस ऐतिहासिक महा-कार्यक्रम में कानपुर और आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों वरिष्ठ पत्रकार, अधिवक्ता और प्रबुद्ध समाजसेवी शामिल रहे।

तो यह थी कानपुर से नेशनल मीडिया प्रेस क्लब की वो ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा जिसने न सिर्फ देश की आजादी का 80वां उत्सव मनाया, बल्कि अपनी मर्यादा में रहकर प्रशासन को उसकी जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाया और अपने अधिकारों के लिए हुंकार भी भरी।

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